समाचार विशेष

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देहरादून: उत्तराखंड की टिहरी झील को दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र (Global Destination) के रूप में स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन…

उत्तराखंड की लोककथाएँ

परिचय: कुमाऊं मंडल में स्थित चम्पावत जनपद के टनकपुर से 18 किमी दूर, पूर्णागिरी पर्वत के शिखर के पास स्थित एक अनोखा देवालय है, जिसे ‘झूठा मंदिर’ के नाम से जाना जाता है। यह एक छोटा ताम्र देवालय है, जो…

इतिहास

कुमाऊनी शिव भजन ;- उत्तराखंड की लोक-भक्ति परंपरा में कुमाऊनी शिव भजन लिरिक्स का विशेष स्थान है। इन्हीं में से एक अत्यंत लोकप्रिय भजन है — शिव हरी कैलाशा। . यानी “शिव हरी कैलाशा… तेरो डमरू बाजो डम–डमा”। यह पारंपरिक…

दार्शनिक स्थल

नौकुचियाताल (Naukuchiatal ) वैसे उत्तराखंड में एक से एक तालाब हैं। और उत्तराखंड के कुमाऊँ मंडल में तालों का नगर के नाम से नैनीताल शहर प्रसिद्ध है। और नैनीताल में ही नौकुचियाताल नामक एक प्राचीन ताल है। जिसका…

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त्यौहार

कुमाऊनी होली का इतिहास : देश में ब्रज के बाद सबसे ज़्यादा होली उत्तराखंड की प्रसिद्ध मानी जाती है। बैठकी होली यानी जो होली बैठ कर गायी जाती है और खड़ी होली जोकि खड़े होकर सामूहिक नृत्य के साथ आंगनों…

लोकगीत

कुमाऊनी शिव भजन ;- उत्तराखंड की लोक-भक्ति परंपरा में कुमाऊनी शिव भजन लिरिक्स का विशेष स्थान है। इन्हीं में से एक अत्यंत लोकप्रिय भजन है — शिव हरी कैलाशा। . यानी “शिव हरी कैलाशा… तेरो डमरू बाजो डम–डमा”। यह पारंपरिक…

खान - पान

परिचय एक समय था जब झंगोरा पहाड़ी लोगों का दिन भर का अनिवार्य भोजन हुआ करता था। धीरे-धीरे परिस्थितियां बदलीं, लोग पहाड़ छोड़कर मैदानों…

केदारनाथ से पहले होती है इनकी पूजा ! दर्शन के बिना अधूरी है यात्रा ! उत्तराखंड की एक ऐसी झील जहाँ नाहने आती हैं परियां। दिल्ली के पास इन हिल स्टेशनों में मनाइये नये साल का जश्न उत्तराखंड में गर्मियों में घूमने लायक कुछ खास स्थान पहाड़ी फल तिमला के बेमिसाल फायदे !