नंदा देवी राजजात और बड़ी जात – उत्तराखंड में मां नंदा देवी को बेटी यानी ध्याण मानने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। नंदा को मायके से ससुराल यानी कैलास की ओर विदा करने से जुड़ी कई धार्मिक यात्राएं होती हैं। इनमें नंदा जात और नंदा राजजात का विशेष महत्व है। नंदा जात हर वर्ष नंदाष्टमी के अवसर पर होने वाली देवयात्रा है, जबकि हर बारह वर्ष के बाद राजवंशीय कुंवरों की ओर से विशेष रूप से आयोजित की जाने वाली यात्रा को नंदा राजजात कहा जाता है। लेकिन 2026 में नंदा देवी की बड़ी जात और 2027…
Author: Bikram Singh Bhandari
नीम करोली बाबा के किस्से जानिए इस विस्तृत लेख में। कैंची धाम से जुड़े दिव्य अनुभव, भक्तों की कहानियां और बाबा की अलौकिक लीलाओं (Neem-karoli baba miracles) का संकलन पढ़ें। नीम करौली बाबा के लाखों भक्त हैं। उनके भक्त भारत से लेकर विदेशों तक फैले हुए हैं। एप्पल के सीईओ से लेकर फेसबुक के संस्थापक जैसी बड़ी हस्तियां भी बाबा का अलौकिक आशीर्वाद ले चुकी हैं। उनके भक्तों के साथ बाबा के जीवन काल में या उनके जाने के बाद, कुछ अलौकिक दिव्य चमत्कारिक अनुभव हुए, जिन्हें उन्होंने अलग-अलग माध्यमों में साझा किया है। बाबा के भक्तों के इन दिव्य…
बाखूल: पहाड़ों में हिमालय के ऊंचे और सीमान्त इलाकों में रहने वाले लोगों ने सदियों से प्रकृति और स्थानीय संसाधनों के सहारे अपने जीवन को आसान बनाने के तरीके विकसित किए हैं। इन्हीं पारंपरिक ज्ञान और हुनर की एक अनूठी मिसाल है ‘बाखूल’, जिसे पहाड़ों के मेषपालक और मेषचारक यानी अणवाल बेहद ठंड, बारिश और बर्फबारी से बचने के लिए पहनते थे। बाखूल विशेष रूप से हिमालयी सीमान्त क्षेत्रों में, खासकर दामपुर (बागेश्वर जनपद) के मेषपालकों के बीच प्रचलित पारंपरिक शरीरावरण रहा है। देखने में यह एक सामान्य जैकेट जैसा लग सकता है, लेकिन इसे बनाने की प्रक्रिया और इसकी…
हिलजात्रा 2026 कब है? : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मनाया जाने वाला प्रसिद्ध लोकपर्व हिलजात्रा 2026 में 24 अगस्त को मनाया जाएगा। कुमाऊं की लोकसंस्कृति में हिलजात्रा केवल नृत्य और मनोरंजन का आयोजन नहीं है, बल्कि इसमें पहाड़ की कृषि परंपरा, ग्रामीण जीवन, लोकविश्वास, धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत एक साथ दिखाई देती है। इस उत्सव का सबसे आकर्षक पक्ष इसके पारंपरिक मुखौटे, अलग-अलग पात्रों के स्वांग और अंत में होने वाला लखियाभूत का प्रवेश है। हिलजात्रा क्या है? हिलजात्रा उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले की सोरघाटी का प्रमुख लोकउत्सव है। यह मुख्य रूप से सोर…
सातों-आठूं 2026 कब है? उत्तराखंड के कुमाऊं और खासकर सीमांत पिथौरागढ़ क्षेत्र में मनाया जाने वाला प्रसिद्ध लोकपर्व सातों-आठूं (गौरा-महेश्वर पूजन) इस वर्ष 19 और 20 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। 19 अगस्त को सातों यानी सप्तमी और 20 अगस्त को आठूं यानी अष्टमी/दुर्वाष्टमी के रूप में पर्व की प्रमुख पूजा होगी। इससे पहले 17 अगस्त 2026 को बिरुड़ पंचमी से पर्व की तैयारियां शुरू होंगी। उपलब्ध पंचांग गणनाओं में 19 अगस्त को शुक्ल सप्तमी और 20 अगस्त को अष्टमी पड़ रही है। https://youtu.be/NXmStG1tt1w उत्तराखंड के लोकपर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें रिश्तों, प्रकृति, कृषि, लोकगीत, लोकनृत्य…
घी संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं: उत्तराखंड का प्रसिद्ध लोकपर्व घी संक्रांति, जिसे घी त्यार, घ्यू सग्यान और ओलगिया के नाम से भी जाना जाता है, प्रकृति, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य और आपसी प्रेम-सौहार्द से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन घी-मक्खन का सेवन करने, बच्चों को आशीर्वाद देने और दूध, दही, फल-सब्जियां व मौसमी कृषि उपज एक-दूसरे को भेंट करने की परंपरा है। घी संक्रांति के बारे में हम अपनी पिछली पोस्ट में विस्तार से बता चुके हैं। यहां देखिए घी संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाओं के फोटो संदेश और शॉर्ट वीडियो। और यदि आप घी संक्रांति के इतिहास, मान्यताओं, ओलगिया परंपरा…
घी संक्रांति 2026घी घी संक्रांति 2026 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे सिंह संक्रांति भी कहा जाता है। उत्तराखंड के कुमाऊँ और गढ़वाल क्षेत्रों में यह पर्व घी संक्रांति, घ्यू त्यार, घी संक्रांत तथा ओलगिया के नाम से प्रसिद्ध है। यह केवल घी खाने का पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड के कृषि जीवन, पशुपालन, लोकपरंपराओं, सामाजिक सहयोग और स्वास्थ्य संबंधी लोकज्ञान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। https://youtu.be/86tDZHP4Wro घी संक्रांति क्यों मनाई जाती है? घी संक्रांति का सबसे प्रमुख आधार ग्रामीण जीवन और पशुपालन से जुड़ा हुआ है। पहाड़ों में गाय,…
UKSSSC Recruitment 2026: उत्तराखण्ड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने समूह ‘ग’ सीधी भर्ती के तहत विभिन्न विभागों में लेखाकार, सहायक लेखाकार, सहायक लेखाकार/कनिष्ठ सम्परीक्षक, कार्यालय सहायक-तृतीय (लेखा) तथा कैशियर कम सहायक लेखाकार के कुल 379 रिक्त पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 26 जुलाई 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जबकि आवेदन पत्र में संशोधन 18 से 20 अगस्त 2026…
हरेला पर्व की फोटो, रील और ये शुभकामना संदेश: उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला प्रकृति, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक है। यदि आप अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों को हरेला पर्व की फोटो, रील या शुभकामना संदेश भेजना चाहते हैं, तो यहाँ आपके लिए हरेला की जानकारी के साथ सुंदर शुभकामना संदेश दिए गए हैं, जिन्हें आप आसानी से कॉपी करके WhatsApp, Facebook, Instagram या अन्य सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं। हरेला पर्व के बारे में उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला प्रकृति, पर्यावरण और कृषि संस्कृति का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष कर्क संक्रांति के दिन…
हरेला 2026 की शुभकामना संदेश | हरेला की हार्दिक शुभकामनायें :- https://youtu.be/LHWXQFbtXRM जी रया, जागि रया, यो दिन बार भेटने रया! हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं, आपका जीवन हरियाली और समृद्धि से भरा रहे। प्रकृति की गोद में बसा हरेला पर्व आपके जीवन में खुशहाली लाए। हरेला की हार्दिक शुभकामनाएं! हरी-भरी फुलवारी, खुशियों की बहार, हरेला पर्व लाए आपके जीवन में अपार प्यार। जी रया, जागि रया! हरेला का पर्व लाए नई उमंग, सियार जैसी बुद्धि और गंगा जैसी पवित्रता और शेर जैसा बल हो , हरेला पर्व की शुभकामनाएं! इस हरेला, प्रकृति के प्रति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का…

