हिलजात्रा 2026 कब है? : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मनाया जाने वाला प्रसिद्ध लोकपर्व हिलजात्रा 2026 में 24 अगस्त को मनाया जाएगा। कुमाऊं की लोकसंस्कृति में हिलजात्रा केवल नृत्य और मनोरंजन का आयोजन नहीं है, बल्कि इसमें पहाड़ की कृषि परंपरा, ग्रामीण जीवन, लोकविश्वास, धार्मिक आस्था और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत एक साथ दिखाई देती है। इस उत्सव का सबसे आकर्षक पक्ष इसके पारंपरिक मुखौटे, अलग-अलग पात्रों के स्वांग और अंत में होने वाला लखियाभूत का प्रवेश है। हिलजात्रा क्या है? हिलजात्रा उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले की सोरघाटी का प्रमुख लोकउत्सव है। यह मुख्य रूप से सोर…
Author: Bikram Singh Bhandari
सातों-आठूं 2026 कब है? उत्तराखंड के कुमाऊं और खासकर सीमांत पिथौरागढ़ क्षेत्र में मनाया जाने वाला प्रसिद्ध लोकपर्व सातों-आठूं (गौरा-महेश्वर पूजन) इस वर्ष 19 और 20 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। 19 अगस्त को सातों यानी सप्तमी और 20 अगस्त को आठूं यानी अष्टमी/दुर्वाष्टमी के रूप में पर्व की प्रमुख पूजा होगी। इससे पहले 17 अगस्त 2026 को बिरुड़ पंचमी से पर्व की तैयारियां शुरू होंगी। उपलब्ध पंचांग गणनाओं में 19 अगस्त को शुक्ल सप्तमी और 20 अगस्त को अष्टमी पड़ रही है। https://youtu.be/NXmStG1tt1w उत्तराखंड के लोकपर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें रिश्तों, प्रकृति, कृषि, लोकगीत, लोकनृत्य…
घी संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं: उत्तराखंड का प्रसिद्ध लोकपर्व घी संक्रांति, जिसे घी त्यार, घ्यू सग्यान और ओलगिया के नाम से भी जाना जाता है, प्रकृति, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य और आपसी प्रेम-सौहार्द से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन घी-मक्खन का सेवन करने, बच्चों को आशीर्वाद देने और दूध, दही, फल-सब्जियां व मौसमी कृषि उपज एक-दूसरे को भेंट करने की परंपरा है। घी संक्रांति के बारे में हम अपनी पिछली पोस्ट में विस्तार से बता चुके हैं। यहां देखिए घी संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाओं के फोटो संदेश और शॉर्ट वीडियो। और यदि आप घी संक्रांति के इतिहास, मान्यताओं, ओलगिया परंपरा…
घी संक्रांति 2026घी घी संक्रांति 2026 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे सिंह संक्रांति भी कहा जाता है। उत्तराखंड के कुमाऊँ और गढ़वाल क्षेत्रों में यह पर्व घी संक्रांति, घ्यू त्यार, घी संक्रांत तथा ओलगिया के नाम से प्रसिद्ध है। यह केवल घी खाने का पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड के कृषि जीवन, पशुपालन, लोकपरंपराओं, सामाजिक सहयोग और स्वास्थ्य संबंधी लोकज्ञान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। https://youtu.be/86tDZHP4Wro घी संक्रांति क्यों मनाई जाती है? घी संक्रांति का सबसे प्रमुख आधार ग्रामीण जीवन और पशुपालन से जुड़ा हुआ है। पहाड़ों में गाय,…
UKSSSC Recruitment 2026: उत्तराखण्ड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने समूह ‘ग’ सीधी भर्ती के तहत विभिन्न विभागों में लेखाकार, सहायक लेखाकार, सहायक लेखाकार/कनिष्ठ सम्परीक्षक, कार्यालय सहायक-तृतीय (लेखा) तथा कैशियर कम सहायक लेखाकार के कुल 379 रिक्त पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 26 जुलाई 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जबकि आवेदन पत्र में संशोधन 18 से 20 अगस्त 2026…
हरेला पर्व की फोटो, रील और ये शुभकामना संदेश: उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला प्रकृति, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक है। यदि आप अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों को हरेला पर्व की फोटो, रील या शुभकामना संदेश भेजना चाहते हैं, तो यहाँ आपके लिए हरेला की जानकारी के साथ सुंदर शुभकामना संदेश दिए गए हैं, जिन्हें आप आसानी से कॉपी करके WhatsApp, Facebook, Instagram या अन्य सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं। हरेला पर्व के बारे में उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला प्रकृति, पर्यावरण और कृषि संस्कृति का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष कर्क संक्रांति के दिन…
हरेला 2026 की शुभकामना संदेश | हरेला की हार्दिक शुभकामनायें :- https://youtu.be/LHWXQFbtXRM जी रया, जागि रया, यो दिन बार भेटने रया! हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं, आपका जीवन हरियाली और समृद्धि से भरा रहे। प्रकृति की गोद में बसा हरेला पर्व आपके जीवन में खुशहाली लाए। हरेला की हार्दिक शुभकामनाएं! हरी-भरी फुलवारी, खुशियों की बहार, हरेला पर्व लाए आपके जीवन में अपार प्यार। जी रया, जागि रया! हरेला का पर्व लाए नई उमंग, सियार जैसी बुद्धि और गंगा जैसी पवित्रता और शेर जैसा बल हो , हरेला पर्व की शुभकामनाएं! इस हरेला, प्रकृति के प्रति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का…
उत्तर भारत मे सावन 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है, और 28 अगस्त 2026 को खत्म होगा। तथा पक्षिम और दक्षिण भारत में सावन 13 अगस्त 2026 से 10 सितम्बर 2026 तक चलेगा। किन्तु उत्तराखंड में पहाड़ का सावन 16 जुलाई हरेला त्यौहार के दिन से शुरू होगा और 15 अगस्त 2026 तक चलेगा। उत्तराखंड में सावन का पहला सोमवार 21 जुलाई 2026 को आएगा। 16 अगस्त को सिंह सक्रांति से भाद्रपद शुरू हो जाएगा। उत्तराखंड पहाड़ी क्षेत्रों तथा नेपाल का सावन अलग और देश के अन्य भागों में सावन अलग अलग क्यों होता है ? https://youtu.be/e-ua6VhQliU उत्तराखंड…
Harela Festival 2026: उत्तराखंड की संस्कृति और लोक परंपराओं में हरेला का विशेष स्थान है। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, खेती और हरियाली का उत्सव है। सदियों से उत्तराखंड के लोग इस पर्व के माध्यम से धरती, पेड़-पौधों और अच्छी फसल के लिए भगवान से प्रार्थना करते आए हैं। यही कारण है कि हरेला को उत्तराखंड का सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और कृषि पर्व माना जाता है। https://youtu.be/LHWXQFbtXRM अगर आप जानना चाहते हैं कि हरेला 2026 कब है, हरेला कब बोया जाएगा और इसे कैसे मनाया जाता है, तो यहां आपको पूरी जानकारी मिलेगी। https://www.facebook.com/share/r/18pK3e1Nd हरेला 2026 कब है?…
उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश को अनेक साहसी सैनिक दिए हैं। उन्हीं में से एक थे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के बहादुर कमांडो सूरजन सिंह भंडारी, जिन्होंने 2002 के अक्षरधाम आतंकवादी हमले के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया और देश की रक्षा करते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए। सुरजन सिंह भंडारी चमोली जिले के गोचर क्षेत्र के रानो गांव के निवासी थे। वे भारतीय सेना की गढ़वाल स्काउट्स रेजिमेंट से वर्ष 2000 में एनएसजी के लिए चयनित हुए थे। 24 सितंबर 2002 को गुजरात के गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर परिसर पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। हमले…

