गई गई असुर तेरी नार मंदोदरी एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक कुमाऊनी होली गीत है, जिसे हर साल होली के मौसम में पूरे उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में गाया जाता है। कुमाऊनी होलियाँ अपनी अलग पहचान रखती हैं — यहाँ ब्रज भाषा मिश्रित स्थानीय बोली में भगवान राम, सीता और रावण प्रसंगों पर आधारित होलियाँ गायी जाती हैं। यही कारण है कि कुमाऊनी होली केवल त्योहार नहीं बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है। आज इस पोस्ट में हम “गई गई असुर तेरी नार मंदोदरी” Kumaoni Holi Lyrics का पूरा संकलन प्रस्तुत कर रहे हैं। गई गई असुर तेरी नार मंदोदरी |…
Author: Bikram Singh Bhandari
कुमाऊनी होली का इतिहास : देश में ब्रज के बाद सबसे ज़्यादा होली उत्तराखंड की प्रसिद्ध मानी जाती है। बैठकी होली यानी जो होली बैठ कर गायी जाती है और खड़ी होली जोकि खड़े होकर सामूहिक नृत्य के साथ आंगनों –चौराहों में गायी जाती है। https://youtu.be/iN2Jb8y6swQ खड़ी होली ग्रामीण अंचल की ठेठ सामूहिक अभिव्यक्ति है जबकि बैठकी होली को नगर होली भी कहा जाता है। बैठकी होली शास्त्रीय संगीत की बैठकों के तरह होते हुए भी लोकमानस से इस प्रकार जुड़ी है कि उस महफिल में बैठा हुआ प्रत्येक व्यक्ति उसमें अपने को गायक मानता है और श्रोता के बीच…
भरतु दाई देहरादून का पहला गैंगस्टर कैसे बना? एक साधारण पहाड़ी छात्र से दून के डॉन बनने तक की पूरी कहानी पढ़ें – गैंगवार, शूटआउट, बैंक लूट और 14 नवंबर 1978 की आख़िरी घटना सहित। आपने बिहार और झारखंड के खूनी गैंग-वार पर बनी फिल्म Gangs of Wasseypur देखी होगी. आपने बॉम्बे के अंडरवर्ल्ड के वो हिंसक किस्से सुने होंगे, जिन्हें सुनकर इस माया नगरी से प्यार नहीं, बल्कि डर लगने लगता था. आपने पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर्स और गैंगस्टर्स की आपसी खूनी अदावतों की खबरें भी खूब पढ़ी होंगी. और सत्तर के दशक में आई हॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर…
कुमाऊनी शिव भजन ;- उत्तराखंड की लोक-भक्ति परंपरा में कुमाऊनी शिव भजन लिरिक्स का विशेष स्थान है। इन्हीं में से एक अत्यंत लोकप्रिय भजन है — शिव हरी कैलाशा। . यानी “शिव हरी कैलाशा… तेरो डमरू बाजो डम–डमा”। यह पारंपरिक पहाड़ी शिव भजन ढोलक की ताल पर गाया जाता है, इसलिए इसे लोग प्यार से ढोलक वाला शिव भजन उत्तराखंड भी कहते हैं। शिवरात्रि, कीर्तन, चौमास और गाँव की संध्याओं में यह Kumaoni Shiv Bhajan Lyrics in Hindi आज भी उतनी ही श्रद्धा से गाया जाता है। यह भजन भगवान शिव की महिमा, उनके डमरू की नाद-ध्वनि और माँ पार्वती…
आज इस पोस्ट में हम कुमाऊनी शिव भजन लिरिक्स पोस्ट कर रहें है। इसके साथ – साथ इस कुमाऊनी शिव भजन का वीडियो लिंक भी प्रस्तुत कर रहें हैं। कुमाऊं के सुप्रसिद्ध गायक गोपाल मठपाल जी की आवाज में यह भजन बहुत कर्णप्रिय है। कुमाऊनी शिव भजन ( Kumaoni shiv bhajan lyrics ) – म्यर शिवज्यू महादेवा। पी बे भंग प्याला ! हैं गई मतवाला ! तस निरंकारी द्यप्ता म्यर शिवज्यू महादेवा। तस निरंकारी द्यप्ता म्यर शिवज्यू महादेवा। गले सर्प माला , अरे डमरू बजाला ! अरे गले सर्प माला , हाई डमरू बजाला ! उत्तराखंड हिमाला ,म्यर शिवज्यू महादेवा।…
उत्तराखंड की पावन नगरी हरिद्वार में एक ऐसा मंदिर है, जिसकी कहानी सुनकर आज भी लोग हैरान रह जाते हैं। यह है काली माता मंदिर, जो हर की पौड़ी से लगभग 300 मीटर दूर भीमगोडा रोड पर एक ऊँचे पहाड़ की गुफा में स्थित है। खास बात यह है कि इस मंदिर के ठीक नीचे से रेलवे लाइन गुजरती है , और मान्यता है कि यहाँ से निकलने वाली हर ट्रेन पहले माँ काली को “सलामी” देती है, फिर आगे बढ़ती है। महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है यह काली माता मंदिर – स्थानीय जानकारों और श्रद्धालुओं की मान्यता…
कुमाऊनी होली 2026 तिथि – मुख्य तिथि: 27 फरवरी 2026 (रंग एकादशी) से होली छलड़ी 04 और दंपत्ति टीका 05 मार्च तक इसी दिन चीर बंधन होगा और कुमाऊं में खड़ी होली की शुरुआत मानी जाएगी। यदि कुमाऊनी होली के बारे में वीडियो में देखना चाहते हैं तो वीडियो यह दिया है । https://youtu.be/iN2Jb8y6swQ वैसे तो कुमाऊनी बैठकी होली की शुरुआत हर वर्ष पौष माह के प्रथम रविवार से हो जाती है, लेकिन वर्ष 2026 में कुमाऊँ की मुख्य रंग होली का शुभारंभ 27 फरवरी 2026 (रंग एकादशी) से होगा और यह पर्व 04–05 मार्च 2026 (दंपत्ति टीका) तक लगातार…
फूलदेई त्यौहार 2026 ( Phooldei Festival 2026) इस वर्ष 15 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। यह जानकारी पहाड़ के पुरोहितों की परामर्श पर आधारित है ।इसलिए सटीक है । यह उत्तराखंड का एक अत्यंत सुंदर, भावनात्मक और प्रकृति-आधारित लोक पर्व है, जिसे मुख्यतः छोटे–छोटे बच्चे मनाते हैं। इसी कारण इसे लोक बाल पर्व भी कहा जाता है। फूलदेई केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आभार, नववर्ष का स्वागत और सामूहिक मंगलकामना की जीवंत परंपरा है। पहाड़ों की संस्कृति में जहाँ हर मौसम का अपना उत्सव है, वहीं फूलदेई बसंत ऋतु के आगमन का मधुर संदेश लेकर आता है।…
डिजिटल दौर में जब ज़्यादातर युवा कॉर्पोरेट दुनिया में अपनी जगह बनाने में जुटे हैं, वहीं आशीष नेगी ने एक अलग राह चुनी,जनता की आवाज़ बनने की। आज वे केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं के लिए उम्मीद का प्रतीक बनते जा रहे हैं। कई लोग तुलना कर रहे हैं कि जैसे 2014 में नरेंद्र मोदी के चेहरे पर भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई थी, वैसे ही 2027 में आशीष नेगी के युवा नेतृत्व से उत्तराखंड क्रांति दल राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर सकता है। इसमें कितनी सच्चाई है,यह तो समय बताएगा, लेकिन सोशल…
Meri nath gad de (Kumauni Holi ) – कुमाऊनी होली भारत की सबसे प्रसिद्ध होलियों में से एक होली है। कहते हैं मथुरा ,वृन्दावन की होली के बाद उत्तराखंड की कुमाऊनी होली सबसे प्रसिद्ध और सबसे अनोखी होली है। कुमाऊनी होली कुमाऊँ (उत्तराखंड) की एक जीवंत सांस्कृतिक विरासत है, जिसमें रंगों से अधिक राग, ताल और सामूहिक भावनाओं का उत्सव दिखाई देता है। देखिए ये कुमाऊनी होली के इतिहास पर आधारित ट्रेंडिंग वीडियो। https://youtu.be/iN2Jb8y6swQ फाल्गुन शुक्ल एकादशी से दंपती टीका तक चलने वाली इस परंपरा में खड़ी होली और बैठकी होली दोनों रूप प्रचलित हैं, खासकर काली कुमाऊँ के चम्पावत…