गेठिया: गेठिया क्षेत्र में सोमवार देर रात एक तेंदुए ने भारी आतंक मचाया। तेंदुए ने एक आवासीय इलाके की गौशाला में घुसकर 14 बकरियों को अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा और मुआवजे की गुहार लगाई है।
बारिश के कारण नहीं लगी भनक
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना गेठिया सैनिटोरियम के समीप रहने वाले प्रकाश चंद्र की गौशाला में हुई। सोमवार की देर रात एक तेंदुआ शिकार की तलाश में उनकी गौशाला में घुस गया। उस समय इलाके में तेज बारिश हो रही थी। बारिश के शोर के कारण बकरियों की चीख-पुकार और तेंदुए की हलचल दब गई, जिससे परिवार या पड़ोसियों को इस हमले की भनक तक नहीं लग पाई।
सुबह का दृश्य देख उड़े होश
मंगलवार की सुबह जब पशुपालक प्रकाश चंद्र और उनके परिवार के लोग हमेशा की तरह गौशाला पहुंचे, तो अंदर का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। गौशाला के अंदर 11 बकरियों के शव क्षत-विक्षत हालत में मृत पड़े थे। गिनती करने पर पता चला कि तीन बकरियां गायब हैं, जिन्हें तेंदुआ अपने साथ घसीटकर जंगल की ओर ले गया था। इस घटना से गरीब पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
यह भी पढ़े: Uttarakhand Weather Update: अगले 2 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना, भारी बारिश का अलर्ट
दहशत में ग्रामीण, वन विभाग से की ये माँगें
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत और रोष दोनों है। ग्रामीणों का कहना है कि गेठिया और आसपास के क्षेत्रों में आए दिन तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही है। इस वजह से शाम ढलते ही लोगों को अपने घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए निम्नलिखित अपील की है:
- शीघ्र मुआवजा: पीड़ित पशुपालक प्रकाश चंद्र की आजीविका को हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए विभाग तुरंत उचित मुआवजा जारी करे।
- पिंजरा लगाया जाए: आदमखोर होने से पहले इस तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में जल्द से जल्द पिंजरा लगाया जाए।
- नियमित गश्त: लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की टीम इलाके में नियमित रूप से रात्रि गश्त (पेट्रोलिंग) करे।
वन विभाग से अब उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही घटनास्थल का मुआयना कर तेंदुए को पकड़ने की कवायद शुरू करेंगे, ताकि ग्रामीणों को इस खौफ के साए से मुक्ति मिल सके।
