Uttarakhand: उत्तराखंड में भूमि कारोबार तेजी से बढ़ने के साथ ही धोखाधड़ी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। कुमाऊं मंडल के कई जिलों में एक ही जमीन की कई बार रजिस्ट्री कराने, अवैध प्लाटिंग करने और लोगों को गुमराह कर संपत्ति बेचने जैसी घटनाओं ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
हल्द्वानी और ऊधम सिंह नगर में बड़े मामले
हल्द्वानी के कठघरिया क्षेत्र में भूमाफियाओं ने एक ही प्लॉट की पांच अलग-अलग रजिस्ट्री कर दी, जिससे कई खरीदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस धोखाधड़ी का शिकार एक पूर्व सैनिक भी बने हैं। वहीं ऊधम सिंह नगर के काशीपुर में भी एक प्लॉट की चार बार रजिस्ट्री कराने का मामला उजागर हुआ है।
रुद्रपुर में तो सरकारी नजूल भूमि को टुकड़ों में बांटकर अवैध रूप से बेच दिया गया। जांच में सामने आया कि करीब तीन बीघा जमीन को भूमाफियाओं ने प्लॉटिंग कर आम लोगों को बेच दिया।
बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
हल्द्वानी से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गाजियाबाद स्थित एक बैंक के अधिकारियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत से एक पूर्व सैनिक के मकान पर 75 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया। परिवार को इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब बैंक का नोटिस उनके पास पहुंचा।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक ही संपत्ति की कई बार रजिस्ट्री रोकने के लिए रजिस्ट्रार और सब-रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी तय होगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
रावत ने यह भी कहा कि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया से पहले लेखपाल और पटवारियों द्वारा जमीन का स्थलीय निरीक्षण अनिवार्य होगा। बिना भौतिक सत्यापन के अभिलेखों में बदलाव को गंभीर लापरवाही माना जाएगा।
रानीखेत का मामला
अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र में दिल्ली के छह लोगों से जमीन दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी की गई। एक प्रॉपर्टी डीलर ने उन्हें जमीन दिखाकर पैसे लिए, लेकिन रजिस्ट्री के समय दूसरी भूमि देने की बात कही। शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
आगे की कार्रवाई
आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, नैनीताल के एसएसपी मंजुनाथ टीसी, ऊधम सिंह नगर के डीएम नितिन भदौरिया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। प्रशासन का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े घोटाले सामने आ सकते हैं।
लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि जमीन खरीदने से पहले दस्तावेजों, स्वामित्व रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों की पूरी जांच करना बेहद जरूरी है। प्रशासन अब भूमाफियाओं और जमीन के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
