Pithoragarh: जिले की तेजम तहसील के अंतर्गत बांस गांव में एक बुजुर्ग द्वारा अदम्य साहस का परिचय देते हुए भालू के हमले से खुद की जान बचाने का मामला सामने आया है। मवेशी चराते समय अचानक हमला करने वाले भालू का बुजुर्ग ने हाथ में मौजूद दराती से डटकर सामना किया। वहीं पत्नी द्वारा मचाए गए शोर के बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बांस गांव निवासी 57 वर्षीय आन सिंह रोज की तरह अपने मवेशियों को चराने के लिए पास के जंगल में गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में पहले से घात लगाकर बैठे एक भालू ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। भालू ने आन सिंह के बाएं हाथ को अपने जबड़े में जकड़ लिया।
अचानक हुए इस हमले से घबराने के बजाय आन सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया और अपने हाथ में पकड़ी दराती से भालू पर ताबड़तोड़ पलटवार शुरू कर दिया। लगभग तीन से चार मिनट तक आन सिंह और भालू के बीच जीवन-मरण का संघर्ष चलता रहा।
इसी बीच कुछ ही दूरी पर मवेशी चरा रहीं उनकी पत्नी गोदावरी देवी की नजर पति पर हो रहे हमले पर पड़ी। उन्होंने बिना डरे तुरंत जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला का उग्र रूप और शोर सुनकर भालू घबरा गया और बुजुर्ग को छोड़कर घने जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
भालू के इस हिंसक हमले में आन सिंह के बाएं हाथ, पीठ और चेहरे पर गहरे जख्म आए हैं। घटना के तुरंत बाद घायल आन सिंह को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोचर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल पिथौरागढ़ रेफर कर दिया है, जहां उनका उपचार जारी है।


