अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की समृद्ध लोक विरासत और आस्था का प्रतीक ऐतिहासिक नंदादेवी मेला इस वर्ष 16 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। आठ दिवसीय यह भव्य धार्मिक व सांस्कृतिक महोत्सव 23 सितंबर तक पूरी श्रद्धा और धूमधाम के साथ आयोजित किया जाएगा। इस बार मेले के मुख्य कार्यक्रमों का केंद्र ऐतिहासिक नंदादेवी मंदिर परिसर के साथ-साथ एडम्स मैदान भी रहेगा, जहां धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी।
नंदादेवी मंदिर परिसर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान मेला समिति के पदाधिकारियों ने इस वर्ष की तैयारियों और रूपरेखा की जानकारी साझा की। समिति के अनुसार, मेले में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए स्थानीय कलाकारों तथा लोक दलों को मंच पर विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही आयोजन को राष्ट्रीय पहचान देते हुए दिल्ली और मुंबई के नामचीन कलाकारों को भी आमंत्रित किया गया है, जिससे स्थानीय दर्शकों और पर्यटकों को उच्च स्तरीय प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
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पदाधिकारियों ने कहा कि नंदादेवी मेला केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि अल्मोड़ा की सदियों पुरानी सांस्कृतिक पहचान है। हर वर्ष की भांति इस बार भी कुमाऊं सहित देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और नगर क्षेत्र में चाक-चौबंद प्रबंध किए जा रहे हैं।
पत्रकार वार्ता में मेला समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा, सचिव मनोज सनवाल, सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन बिष्ट, संरक्षक अनूप साह, रवि गोयल, मुन्ना वर्मा, राजेन्द्र बिष्ट और जगत तिवारी सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।


