कांडा: तहसील क्षेत्र के बांजझिरौटी गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। जंगल में मवेशी चराने गई 48 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला के शरीर पर मिले चोट के निशानों और ग्रामीणों के दावों के बाद तेंदुए के हमले की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जंगल में अचानक हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बांजझिरौटी निवासी कमला देवी (48), पत्नी पूरन राम, मंगलवार को गांव की तय बारी के अनुसार अपने पति और अन्य लोगों के साथ मवेशी चराने जंगल गई थीं। इसी दौरान यह दुखद घटना घटित हुई। मृतका के गाल पर गहरे निशान और सिर पर चोट पाई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने घटनास्थल के आसपास एक तेंदुआ देखा था, जिससे यह अंदेशा गहरा गया है कि महिला पर तेंदुए ने ही जानलेवा हमला किया है।
प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान प्रकाश राम मौके पर पहुंचे। इसके कुछ ही देर बाद, थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज अपनी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की तफ्तीश शुरू की।
हालांकि, वन विभाग ने अभी तक तेंदुए के हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
परिवार में पसरा मातम
इस अचानक हुई मौत से कमला देवी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतका अपने पीछे पति और चार बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं:
- बड़ा बेटा बबलू कुमार अपने परिवार के साथ बाहर रहता है।
- दो बेटियों का विवाह हो चुका है।
- सबसे छोटा बेटा पुष्पेश कुमार (23 वर्ष) अभी अविवाहित है।
बता दें कि मृतका कमला देवी का मायका पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र स्थित लोहाथल गांव में है। इस घटना के बाद से गांव और परिजनों में शोक की लहर है और ग्रामीण वन विभाग से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।


