Haridwar: उत्तराखंड शासन ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए हरिद्वार के जिला खनन अधिकारी (DMO) काजिम रजा को उनके पद से हटा दिया है। काजिम रजा को तत्काल प्रभाव से खनन निदेशालय से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है। उनकी जगह अब अमित गौरव को हरिद्वार जिले के खनन अधिकारी का नया प्रभार सौंपा गया है।
शासन के इस फैसले को प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
क्यों हुई कार्रवाई? विवादों से रहा गहरा नाता
काजिम रजा का हालिया कार्यकाल लगातार विवादों के साये में रहा। उनकी कार्यशैली और आचरण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे, जिसके चलते शासन को यह सख्त निर्णय लेना पड़ा।
उनके खिलाफ उठे प्रमुख विवाद निम्नलिखित हैं:
- यूकेडी नेता से नोकझोंक का वायरल वीडियो: हाल ही में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के एक नेता के साथ काजिम रजा की तीखी नोकझोंक हुई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी तूल पकड़ लिया था।
- पत्रकार से कथित अभद्रता: एक पत्रकार के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया था। इस घटना ने भी उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
- मिट्टी खनन में साठगांठ के आरोप: खनन विभाग के कामकाज को लेकर भी काजिम रजा सवालों के घेरे में थे। उन पर मिट्टी के खनन को लेकर कथित साठगांठ और अनियमितताओं के आरोप लग रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे विभाग की छवि को नुकसान पहुंच रहा था।
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नए अधिकारी के सामने चुनौतियां
लगातार मिल रही शिकायतों और विवादों को देखते हुए शासन ने काजिम रजा को हटाकर खनन निदेशालय भेजने का फैसला किया। उनकी जगह हरिद्वार जिले की कमान अब अमित गौरव संभालेंगे। हरिद्वार जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले में खनन गतिविधियों को सुचारू और पारदर्शी तरीके से चलाना नए अधिकारी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि शासन की यह कार्रवाई अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कार्यक्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या विवादित कार्यशैली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
