Nainital: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शुक्रवार की सुबह शहर की हृदय स्थली मानी जाने वाली नैनी झील में एक 45 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय नाविकों की मदद से शव को रेस्क्यू कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
कैसे हुई घटना की जानकारी?
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे जब कुछ स्थानीय लोग पाषाण देवी मंदिर के समीप मॉर्निंग वॉक कर रहे थे, तभी उनकी नजर झील में तैरते हुए एक शव पर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बिना देर किए तल्लीताल पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला। मृतक की जेब की तलाशी लेने पर एक आधार कार्ड मिला, जिसके जरिए उसकी शिनाख्त मल्लीताल बड़ा बाजार निवासी 45 वर्षीय मनीष के रूप में हुई।
मानसिक तनाव और आखिरी वीडियो कॉल
प्रारंभिक पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक मनीष शहर के ही एक होटल में कार्यरत था और अविवाहित था। परिजनों और परिचितों के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा था।
घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि गुरुवार रात को मनीष ने अपनी बहन को एक वीडियो कॉल किया था। इस कॉल में उसने हताशा जताते हुए आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने की बात कही थी। इस कॉल के बाद से ही उसका फोन बंद हो गया और उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। अगली सुबह उसका शव सीधे नैनी झील में बरामद हुआ।
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पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर उठते सवाल
तल्लीताल पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं। शव का पंचनामा भरकर उसे नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल (B.D. Pandey Hospital) में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
- मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
- मामले के सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और मृतक के परिजनों से भी पूछताछ जारी है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर नैनी झील के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था और रात्रिकालीन गश्त की प्रभावशीलता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से झील के संवेदनशील किनारों पर सुरक्षा कड़ी करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
