देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम समेत राज्य के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं। संभावित खतरे की गंभीरता को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों और सभी प्रमुख मंदिर परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा
धमकी भरे ई-मेल और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने तुरंत हरकत में आते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने चारधाम, विशेषकर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की।
सुरक्षा और जांच के लिए उठाए गए कदम
प्रशासन ने साफ किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- बलों की तैनाती: केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में पुलिस, आईटीबीपी (ITBP) और एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों को हाई अलर्ट पर रखकर पूरी सतर्कता के साथ तैनात किया गया है।
- कड़ी निगरानी: मंदिर परिसरों, यात्रा मार्गों और अन्य संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी संसाधनों की मदद से 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।
- खुफिया जांच तेज: अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। राज्य की साइबर टीम और खुफिया एजेंसियां इन धमकियों के डिजिटल स्रोत (IP एड्रेस आदि) का पता लगाने में युद्ध स्तर पर जुटी हैं।
चारधाम यात्रा सुचारू, अफवाहों से बचने की अपील
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि इन धमकियों का यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है। वर्तमान में चारधाम यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित और सुचारु रूप से चल रही है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं के दर्शन और आवाजाही की स्थिति बिल्कुल सामान्य है।
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उन्होंने सभी यात्रियों और श्रद्धालुओं से विशेष अपील करते हुए कहा, “सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, इसलिए केवल प्रशासन और आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।”
राज्य सरकार ने भी आश्वस्त किया है कि किसी भी सूरत में धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हर संभव एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
