सड़क हादसों में त्वरित मदद: सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित और प्रभावी ट्रॉमा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने अपने कदम तेज कर दिए हैं। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सभी राज्यों को जारी किए गए आदेशों के अनुपालन में, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने एक मजबूत और समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ अहम समन्वय बैठक की।
इस उच्च स्तरीय बैठक में सड़क हादसों के दौरान घायलों की जान बचाने और उन्हें तुरंत मेडिकल रिस्पांस देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
बैठक के प्रमुख निर्णय और निर्देश:
1. हेल्पलाइन 112 से जुड़ेंगी सभी आपातकालीन सेवाएं
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी मौजूदा आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को तकनीकी और परिचालनात्मक (Operational) रूप से एकीकृत आपातकालीन हेल्पलाइन ‘112’ के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर यह कार्य पूरा किया जाए और आम जनता के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो।
2. एंबुलेंस की होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाने के लिए एंबुलेंस सेवाओं को आधुनिक बनाया जाएगा।
- सभी सार्वजनिक और निजी एंबुलेंसों में एआईएस-125 (AIS-125) मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
- एंबुलेंस में जीपीएस (GPS) और वीएलटीडी (VLTD) उपकरणों की स्थापना अनिवार्य होगी।
- इन वाहनों की सटीक निगरानी के लिए इन्हें हेल्पलाइन 112 के साथ रियल-टाइम में इंटीग्रेट किया जाएगा।
3. गुड सेमेरिटन (नेक मददगार) के लिए शिकायत निवारण तंत्र
दुर्घटना के समय मदद करने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए एक सुदृढ़ शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जा रहा है।
- राज्य स्तर पर: महानिदेशक (DG) स्वास्थ्य को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
- जिला स्तर पर: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इस संबंध में हर महीने बैठकें आयोजित की जाएं और उनका कार्यवृत्त (मिनट्स) अनिवार्य रूप से संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
4. परिवहन विभाग संभालेगा ट्रॉमा रजिस्ट्री का जिम्मा
राज्य में ट्रॉमा मामलों का सटीक डेटाबेस तैयार करने के लिए परिवहन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
- परिवहन विभाग एक राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री स्थापित करेगा और सभी चिकित्सा संस्थानों को इससे जोड़ेगा।
- इस राज्य स्तरीय डेटाबेस को आगे चलकर राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी लिंक किया जाएगा।
5. पीएम राहत योजना पर जोर
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने घायलों को तत्काल कैशलेस इलाज मुहैया कराने वाली ‘पीएम राहत’ (PM-RAHAT) योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया, ताकि कोई भी घायल आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी:
इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्री रोहित मीणा, श्रीमती तृप्ति भट्ट और संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री सनत कुमार सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


