Uttarakhand Weather: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड राज्य में 2 सितंबर 2026 से लेकर 7 सितंबर 2026 तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 2 से 5 सितंबर के दौरान राज्य के विभिन्न जनपदों में भारी बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर चेतावनी (येलो अलर्ट) जारी की है।
दिनवार मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी:
02 सितंबर 2026:
- पूर्वानुमान: राज्य के सभी जनपदों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
- चेतावनी: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर, चम्पावत, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा राज्य के सभी जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर होने की संभावना है।
03 सितंबर 2026:
- पूर्वानुमान: राज्य के सभी जनपदों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा व गरज-चमक के साथ बौछारें होने के आसार हैं।
- चेतावनी: देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। साथ ही, सभी जनपदों में आकाशीय बिजली और तीव्र बौछारें पड़ने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
04 सितंबर 2026:
- पूर्वानुमान: सभी जनपदों के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- चेतावनी: नैनीताल, चम्पावत, देहरादून, हरिद्वार एवं बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। समस्त जिलों में आकाशीय बिजली चमकने तथा तीव्र वर्षा का पूर्वानुमान है।
05 सितंबर 2026:
- पूर्वानुमान: राज्य भर में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है।
- चेतावनी: देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, सभी जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने व तीव्र बारिश के दौर चलने की संभावना है।
06 एवं 07 सितंबर 2026:
- पूर्वानुमान: उत्तराखंड राज्य के सभी जनपदों के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।
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संभावित प्रभाव एवं प्रशासन की ओर से दिशा-निर्देश:
मौसम विभाग ने भारी वर्षा और आकाशीय बिजली के दृष्टिगत निम्नलिखित प्रभाव और सावधानियों पर जोर दिया है:
- भूस्खलन व सड़क अवरोध: संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, जिससे सड़कों/राजमार्गों में अवरोध उत्पन्न हो सकता है।
- जलभराव और नदी-नालों का उफान: निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है तथा छोटे नदी व बरसाती नालों में जलस्तर बढ़ सकता है।
- यात्रियों के लिए सलाह: पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को सतर्क रहने को कहा गया है।
- आकाशीय बिजली से बचाव: गर्जन और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें, पक्के मकानों व सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें। विद्युत का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
- किसानों एवं पशुपालकों के लिए: खेतों में कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा खराब मौसम के दौरान पशुओं को खुले में न बांधने की सलाह दी गई है।


