श्री मद्महेश्वर धाम यात्रा: उत्तराखंड के प्रसिद्ध द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम की यात्रा 19 अगस्त से विधिवत रूप से पुनः प्रारंभ होने जा रही है। जनसुरक्षा और मौसम व मार्ग की स्थिति को देखते हुए 7 अगस्त को यात्रा को अग्रिम आदेशों तक अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था। अब उप जिलाधिकारी (ऊखीमठ) की जांच आख्या, पुलिस उपाधीक्षक (गुप्तकाशी), लोनिवि, तहसीलदार तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी की संस्तुति के आधार पर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने यात्रा पुनः शुरू करने की आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
जिलाधिकारी द्वारा 18 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश और शर्तें लागू की गई हैं।
यात्रा संचालन हेतु प्रमुख नियम व सुरक्षा शर्तें:
- सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था: ट्रॉली स्थल पर भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
- विशेष सहायता: महिला एवं वृद्ध यात्रियों की सहायता, सुगम आवागमन और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
- राहत एवं बचाव दल की तैनाती: यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की दुर्घटना या आपदा से निपटने के लिए एसडीआरएफ (SDRF), डीडीआरएफ (DDRF) और स्थानीय खोज एवं बचाव दलों की चौबीसों घंटे उपलब्धता रहेगी।
- सुरक्षा परीक्षण: यात्रा शुरू होने से पूर्व संबंधित विभागों द्वारा मार्ग, पुल-पुलिया, ट्रॉली स्थल तथा सुरक्षा उपकरणों का गहन परीक्षण कर मार्ग को आवागमन हेतु पूर्णतः सुरक्षित घोषित किया जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू आवागमन के लिए ट्रॉली संचालन का समय निम्नानुसार निर्धारित किया गया है:
| क्र. सं. | संचालन समय (Operational Time) | विश्राम/हॉल्ट समय |
| 1. | प्रातः 06:30 AM से 09:00 AM तक | 09:00 AM से 10:30 AM (ब्रेकफास्ट/विश्राम) |
| 2. | पूर्वाह्न 10:30 AM से दोपहर 01:00 PM तक | 01:00 PM से 02:30 PM (विश्राम) |
| 3. | अपराह्न 02:30 PM से सायं 06:00 PM तक | — |
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यात्रा संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों व सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों व समय-सारिणी का पालन करें।


