हल्द्वानी। इरादे अगर मजबूत हों और लक्ष्य के प्रति सच्ची लगन हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। इसे सच कर दिखाया है मूल रूप से ओखलकांडा ब्लॉक के ग्राम भद्रकोट निवासी अजय महरा ने। अपनी कड़ी मेहनत और सेल्फ-स्टडी के दम पर अजय का चयन भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) में बतौर वैज्ञानिक हुआ है। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कभी किसी ट्यूशन या कोचिंग का सहारा नहीं लिया, जो आज की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी मिसाल है।
सफलता के मुख्य अंश
- पद और विभाग: वैज्ञानिक, परमाणु ऊर्जा विभाग (भौतिक विज्ञान के कुल 29 पदों में चयन)।
- प्रतियोगी परीक्षा: GATE (2026) में ऑल इंडिया 22वीं रैंक एवं JRF-NET उत्तीर्ण।
- विशेषता: बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन के सेल्फ-स्टडी से पाई सफलता।
- प्रेरणा: कैंसर से पीड़ित माता की देखभाल करते हुए जारी रखी पढ़ाई।
बचपन से ही रहे मेधावी छात्र
अजय महरा की प्रारंभिक शिक्षा हल्द्वानी से हुई। उन्होंने सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल 96% अंकों के साथ और इंटरमीडिएट 9.4 सीजीपीए के साथ उत्तीर्ण किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दयाल सिंह कॉलेज से बी.एस.सी. की डिग्री हासिल की, जहां उन्हें उनकी मेधावी प्रतिभा के लिए स्कॉलरशिप भी मिली।
स्नातक के बाद अजय वापस हल्द्वानी आ गए और एम.बी.पी.जी. कॉलेज से फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) में एम.एस.सी. की परीक्षा पास की। उन्होंने न केवल जे.आर.एफ. नैट (JRF-NET) परीक्षा उत्तीर्ण की, बल्कि वर्ष 2026 में आयोजित ऑल इंडिया गेट (GATE) परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
पारिवारिक संघर्ष और माता-पिता को श्रेय
अजय के पिता श्री धरम सिंह महरा असम राइफल्स में कार्यरत हैं। उनकी सफलता के पीछे एक भावुक संघर्ष भी छिपा है। तीन वर्ष पूर्व उनकी माता श्रीमती दीपा महरा का कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से निधन हो गया था। बी.एस.सी. की पढ़ाई के दौरान जब पिता ड्यूटी पर थे, तब अजय अपनी मां के इलाज और देखभाल में लगातार लगे रहे।
प्रतिभा इस परिवार की पहचान है। अजय की छोटी बहन काजल भी एक मेधावी छात्रा हैं और उन्होंने हाल ही में आई.आई.टी. जैम (IIT JAM) में ऑल इंडिया 325वीं रैंक प्राप्त की है। अजय ने अपनी इस शानदार कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और उनके दिए गए संस्कारों को दिया है।
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बधाइयों का लगा तांता
अजय द्वारा जिले और पूरे उत्तराखंड राज्य का नाम रोशन करने पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। कई गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें इस विशेष उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- रिटायर्ड कर्नल डॉ. गिरिजा शंकर मुनगली
- दिग्विजय सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन)
- डॉ. प्रविन्द्र रौतेला (एमडी, सिंथिया पब्लिक स्कूल) और सुनील जोशी (एमडी, सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल)
- डॉ. रेखा पांडे (महिला शक्ति प्रदेश अध्यक्ष) और मनोज साहनी एडवोकेट (अधिवक्ता शक्ति प्रदेश अध्यक्ष)
- आशीष दुम्का (युवा शक्ति प्रदेश अध्यक्ष एवं रोटरी क्लब महासचिव)
- जसविंदर सिंह भसीन (कार्यकारी जिला अध्यक्ष, व्यापार मंडल हल्द्वानी)
- डॉ. पुनीत गोयल (न्यूरोसर्जन, रेडिएंट हॉस्पिटल)
- हेमंत सिंह बोरा, गोपाल सिंह गंगोला, अधिवक्ता मोहम्मद अबरार, अनिल मुनगली, चंद्र विजय सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, ताइक्वांडो संगठन नैनीताल) और विनोद कुमार कश्यप।
अजय महरा की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि अगर छात्र स्वाध्याय (Self-Study) और एकाग्रता पर ध्यान केंद्रित करें, तो बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
