Thursday, June 20, 2024
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मडुवा की रोटी के फायदे

मडुवा की रोटी के फायदे :- मडुवा को पहाड़ अनाज का राजा कहा जाता है। मडुवा पहाड़ो में सरलता से उग जाता है ,और पहाड़ का वातावरण इसके उत्पादन के लिए लाभदायक होता है। मडुवा उत्तराखंड की कुमाउनी भाषा का नाम है। मडुवा को हिंदी में रागी कहते हैं। मड़ुआ को अंग्रेजी में finger millet ( फिंगर मिलेट कहते हैं। मड़ुआ को गढ़वाली में कोदा के नाम से जानते हैं। मडुवा मुख्यतः अफ्रीका व् एशिया के सूखे क्षेत्रों में उगाया जाने वाला अनाज है। चार हजार साल पहले मडुवा भारत लाया गया। भारत में इसकी सबसे अधिक मड़ुआ कर्नाटक में उगाया जाता है। इसके साथ-साथ इसका आंध्र प्रदेश, ओडिसा, तमिलनाडु, गोवा और उत्तराखंड में भी उत्पादन होता है।

इसका अनाज भूरे -भूरे दानों के रूप में होता है। इनको निकाल कर आटे के रूप में पिसवाकर उसका प्रयोग किया जाता है। कोदा अथवा  मडुए का इस्तेमाल, रोटी उपमा, डोसा, केक, चॉकलेट, बिस्किट, चिप्स, और आयुर्वेदिक दवाओं के रूप में होता है। मडुवे अथवा रागी के आटे से आजकल अनेक उत्पाद बन रहे हैं। पहाड़ों में मडुवे के आटे से मिठाई , मोमो तक बनाये जा रहे हैं। इसकी पारम्परिक मडुवे की रोटी बनाई जाती है।, जो घी चुपड़कर और गुड़ के साथ खाने में बहुत स्वादिष्ट और स्वास्थवर्धक होती है। इसके अलावा गेहू के आटे में मडुवे के आटे की स्टफिंग करके रोटी बनाई जाती है, जिसे लेसू रोटी कहते हैं।

मडुवा की रोटी

मडुवा में पाए जाने वाले पोषक तत्व –

मडुवा अनाज में प्रोटीन ,कैल्सियम ,ट्रिप्टोफैन ,आयरन ,मिथियोनिन,फाइबर ,फास्फोरस ,कार्बोहाइड्रेड आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते है। मड़ुआ आनाज तासीर में थोड़ा गर्म अनाज होता है। इसे शीतकाल में खाना अच्छा होता है।

मडुवा की रोटी के फायदे

  • मधुमेह के रोगियों के लिए लाभदायक है मडुवा की रोटी – मडुवे की रोटी डाइबिटीज के रोगियों के लिए रामबाण का काम करता है। मडुवा की रोटी खाने से बार -बार भूख नहीं लगती। और मडुवा ग्लूटन फ्री होने के कारण ,शरीर में ग्लूकोज के स्तर में कमी आ जाती है।
  • मडुवे की रोटी हड्डियों को मजबूत करती है – मडुवा की रोटी का सबसे बड़ा फयदा यह है कि ,यह विटामिन d का सबसे बड़ा श्रोत है। मडुवा में कैल्सियम भरपूर मात्रा में होता है ,जो शरीर में होने वाले हड्डी रोगों से बचाता है। इसके अलावा मडुवा में पाए जाने वाला कैल्सियम की वजह से यह अनाज , दांतों की परेशानियों के लिए  रामबाण इलाज है।
  • वजन काम करने में मदद करती है कोदा की रोटी –  मड़ुआ की रोटी खाने से भूख पर नियंत्रित रहती है। इसमें ट्रिप्टोफेन नामक एसिड पाया जाता है ,जो भूख नियंत्रित करता है। दूसरा इसमें वसा कम होती है , जिससे शरीर में ज्यादा वजन नहीं बढ़ता।
  •  पेट के लिए रामबाण है मडुवा की रोटी – मडुवा में पाया जाने वाला उच्च मात्रा का फाइबर पेट की सभी समस्याओं से राहत दिलाता है। विशेषकर कब्ज में मडुवे की रोटी अति लाभदायक है।
  • खून की कमी दूर करता है मडुवा –  कोदा में आइरन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होने के कारण यह खून की कमी को कम करने में सहायक होता है।
  • ह्रदय रोग में लाभ देता है मडुवा – मडुवा रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
  • त्वचा के लिए लाभदायक है मडुवा – मडुवा का सेवन त्वचा के लिए लाभदायक होता है। त्वचा को उच्च पोषण प्रदान करता है मडुवा।
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डिक्लेरेशन –  ” मडुवा पर आधारित यह लेख शोधपत्रिकाओं और जानकारियों पर आधारित एक शिक्षाप्रद लेख है। इसका औषधीय प्रयोग से पूर्व अपने या नजदीकी चिकित्स्क से अवश्य परामर्श लें। “

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Bikram Singh Bhandari
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बिक्रम सिंह भंडारी देवभूमि दर्शन के संस्थापक और लेखक हैं। बिक्रम सिंह भंडारी उत्तराखंड के निवासी है । इनको उत्तराखंड की कला संस्कृति, भाषा,पर्यटन स्थल ,मंदिरों और लोककथाओं एवं स्वरोजगार के बारे में लिखना पसंद है।
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