कुमाऊनी रायता जी हा नाम से ही अपनी पहचान बता रहा है। भारतीय भोजन शैली में रायते का विशेष स्थान है। शादी,नामकरण,पूजा या तेरहवीं मे सार्वजनिक भोज को अलग अलंकरण देता है।सामान्यतः रायता बूंदी,और मट्ठे, नमक मिर्च मिला कर बनाया जाता है। थोड़ा अलग तरीके से बनाया जाता है। इसमें शुद्ध देसी राई की सनसनाहट होती है । छाछ के माखन कि खटास,और पहाड़ी पकी हुई ककड़ी का स्वाद। अच्छे अच्छे लोगों के मुंह से पानी निकाल देता है ये पहाड़ी खीरे का रायता। कुमाऊनी लोगो को रायता बहुत पसंद होता है। कुमाऊं मण्डल के मेलो में,तथा बाजारों में खीरे का रायता…
Author: Bikram Singh Bhandari
कंडोलिया पार्क पौड़ी गढ़वाल की नई पहचान। जी हा गुरुवार 28 जनवरी को मुख्मंत्री जी के कर कमलों द्वारा, यह थीम पार्क पौड़ी की जनता को समर्पित कर दिया गया। कंडोलिया पार्क के बारे में – यह उत्तराखण्ड राज्य के पौड़ी गढ़वाल में स्थित है। पौड़ी गढ़वाल के कमद नामक स्थान पर देवदार के घने पेड़ों के बीच बसा है।यह पार्क भारत का सबसे ऊंचा पार्क है। यह भारत का पहला थीम पार्क है। ये 1750 मीटर के हाई अल्टिट्यूड पर बना है। पौड़ी गढ़वाल के जिलाधिकारी 2019 मे कंडोलिया पार्क को नया रूप देने की योजना बनाई ,इस थीम…
“सोच लोकल,अप्रोच ग्लोबल” के विजन पर “उत्तर के पुत्तर” RJ kaavya उर्फ कवीन्द्र सिंह मेहता लेकर आएं है,उत्तराखंड का पहला डिजिटल रेडिओ ओहो रेडिओ आइये जानते हैं Rj kaavya उर्फ कवींद्र सिंह मेहता जी का जीवन परिचय। वर्तमान में rj kaavya नाम से प्रसिद्ध कवीन्द्र सिंह मेहता उत्तराखंड के नवयुवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन कर उभर रहे हैं। काव्य ने अपना डिजिटल रेडिओ ओहो रेडिओ शुरू करके,उत्तराखंड के नवयुवाओं के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है, कि अगर मन मे लगन हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। प्रारंभिक जीवन -: 12 जुलाई 1988 को जन्मे ,कवीन्द्र सिंह…
भारत के हिमालयी राज्य उत्तराखंड को देवभूमि ( Devbhoomi Uttarakhand ) के नाम से जाना जाता है। इसको देवभूमि कहने के कई तर्क और कारण हैं। यह राज्य हिमालय की गोद मे बसा एक दम स्वर्ग सा दिखता है। हिमाच्छादित ऊँची ऊँची पहाड़ियो से घिरा यह राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। आखिर क्यों कहते हैं उत्तराखंड को देवभूमि – भारत की लगभग सभी पवित्र नदियों का उद्गम हिमालय के इस पवित्र राज्य से है। उत्तराखंड को देवभूमि इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां अनेक देवी देवता निवास करते हैं। माना यह जाता है की यहाँ तैतीस करोड़…