Author: Bikram Singh Bhandari

बिक्रम सिंह भंडारी उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्व, देव परंपराओं और इतिहास पर लिखने वाले स्वतंत्र लेखक हैं। वे वर्षों से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को प्रामाणिक स्रोतों, लोक कथाओं और ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से डिजिटल रूप में दस्तावेज़ करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति, पर्व और लोक परंपराओं पर 700 से अधिक लेख लिखे हैं।

घी संक्रांति ( ghee sankranti ) उत्तराखंड का प्रमुख लोकपर्व है। घी संक्रांति, घी त्यार, ओलगिया या घ्यू त्यार  प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह की सिंह संक्रांति के दिन मनाया जाता है। 2025 में घी संक्रांति 17 अगस्त 2025 को रविवार के दिन मनाई जाएगी। इस दिन से सूर्य भगवान सिंह राशी में विचरण करेंगे। घी संक्रांति पर्व का विडियो देखें: https://youtu.be/y3vtaFN6-X8 भगवान सूर्यदेव जिस तिथि को अपनी राशी परिवर्तन करते है। उस तिथि को संक्रांति कहा जाता है। और उत्सव मनाए जाते हैं। उत्तराखंड में मासिक गणना के लिए सौर पंचांग का प्रयोग होता है। प्रत्येक संक्रांति उत्तराखंड में माह…

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उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है। जिसने उत्तराखंड भूकंप अलर्ट एप लॉन्च किया हैं । बुधवार 04 अगस्त 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने इस एप की शुरुआत की। इस एप की खासियत यह है, कि ये उत्तराखंड में भूकंप आने से 30 सेकेंड पहले आपको स्मार्टफोन में अलर्ट कर देगा। उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। यहाँ हमेशा भूकंप का खतरा बना रहता है। इस एप से उत्तराखंड को काफी मदद मिलेगी। भूकंप का अलर्ट देने वाला यह देश का पहला एप है। किसने बनाया भूकंप अलर्ट एप – IIT रुड़की ने…

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भद्राज मंदिर उत्तराखंड में भगवान बलराम का एकमात्र मंदिर देहरादून , मसूरी में स्थित है। भद्राज मंदिर मसूरी से मात्र 15 किलोमीटर दूर  दुधली भद्राज पहाड़ी पर स्थित है। समुद्र तल से इस मंदिर की उचाई लगभग 7500 फ़ीट है। यह मन्दिर धार्मिक आस्था के साथ ,साथ साहसिक पर्यटन के लिए काफी प्रसिद्ध है। यह मंदिर ट्रेकिंग के लिए  बेस्ट है। लोग यहाँ पैदल ट्रेकिंग काफी पसंद करते हैं। यह दून घाटी का प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्र है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह मंदिर भगवान कृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम को समर्पित है। यहाँ भद्राज के रूप में बलराम जी…

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आप अगर उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र से सम्बंध रखते हो तो, जब आपके घर मे विवाह आदि शुभ कार्य होते हैं, तो मंदिर पर एक अलग सी फ़ोटो लगी रहती है। उसमें देवियों के चित्र और गणेश भगवान के चित्र ,के साथ पर्वत, पेड़, पुष्प आदि बने होते हैं। इस फोटो को पंडित जी अलग से पूजा के समान की लिस्ट में लिखते हैं। इसे ज्योति पट्टा या ज्योतिपट्ट कहा जाता है। पहले इसे मंदिर की दीवारों पर, गेरू और चावल के विस्वार (चावल पीस कर बना हुआ तरल) से अंकित करते थे। या कमेट से अंकित करते थे। वर्तमान…

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उत्तराखंड पहाड़ी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री नैनो स्वरोजगार योजना शुरू करने वाली है। इस योजना को मुख्यमंत्री अतिसूक्ष्म (नैनो) स्वरोजगार योजना नाम दिया है। इस योजना के अनुसार उत्तराखंड पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे छोटे स्वरोजगार करने वालों को ,उत्तराखंड सरकार क्षेत्र के हिसाब से सब्सिडी देगी। इस योजना में उत्तराखंड सरकार की तरफ से नया अपडेट आया है। अब सरकार ने एक शाशनदेश जारी कर ऋण की सीमा बढ़ा कर 50 हजार कर दी है। और अनुदान क्षेत्र के हिसाब से दिया जाएगा। इस योजना के तहत ऋण के लिए किसी…

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कर्नल अजय कोठियाल जी के बारे मे – नाम – अजय कोठियाल जन्म – 26 फरवरी 1969 जन्मस्थान – टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड पिता – श्री सत्यसरण कोठियाल ( ret. इंस्पेक्टर जनरल BSF ) माता – स्व श्रीमती सुशीला कोठियाल पत्नी -कर्नल अजय कोठियाल  अविवाहित हैं। व्यवसाय ( नौकरी ) – भारतीय सेना में कर्नल के    पद पर ( 1992 से 2017 ) , नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य के रूप में भी कार्य किया अन्य कार्य – यूथ फाउंडेशन के निर्माता सम्मान – कीर्ति चक्र , शौर्य चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल वेबसाइट -http://youthfoundationuttarakhand.org/index.html जन्म ( Birth ) – अजय…

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मित्रो आज के लेख में हम आपके लिए एक खास  गढ़वाली भजन या गढ़वाली माँगल गीत के बोल एवं वीडियो ऑडियो  लाएं है। इस गीत के रचियता गायक गढ़रत्न श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी हैं। और इस गढ़वाली जागर, गढ़वाली भजन  की कुछ लाइनों का प्रयोग , उत्तराखंड के सभी गायक अपना कार्यक्रम शुरू होने से पहले करते हैं। तो आइए शुरू करते हैं  गढ़वाली जागर! ॐ प्रभात को पर्व जाग … गौ स्वरूप पृथ्वी  जाग… उंदकारी काठा जाग …. भानू पंखी गरुड़ जाग…. सप्तलोक जाग ……. इंद्रा लोक जाग ….. मेघ लोक जाग… सूर्य लोक जाग … चंद्र लोक…

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श्री देव सुमन जी के बलिदान दिवस पर उनकी अमर जीवन गाथा – व्यक्तिगत जानकारी नाम: श्री देव सुमन पिता का नाम: हरिराम बडोनी माता का नाम: श्रीमती तारा देवी पत्नी: श्रीमती विनय लक्ष्मी सकलानी जन्मतिथि: 25 मई 1916 जन्म स्थान: ग्राम – जौल, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड कार्य: स्वतंत्रता सेनानी मृत्यु: 25 जुलाई 1944 श्रीदेव सुमन जी राजशाही के विरुद्ध आंदोलन करके शहीद होने वाले, उत्तराखंड के पहले आंदोलनकारी थे। आइये जानते हैं श्रीदेव सुमन जी के बारे में। श्री देव सुमन जी का प्रारम्भिक जीवन – श्री देव सुमन जी का जन्म टिहरी गढ़वाल के जौल नामक ग्राम में…

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अनीशा रांगड़ उत्तराखंड लोकगीत संगीत क्षेत्र की उभरती हुई युवा गायिका है। उन्होंने 21 वर्ष उम्र में ही उत्तराखंड लोकसंगीत के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। छोटी सी उम्र में अनीशा की गायकी के लाखों चाहने वाले हैं। आइये जानते हैं अनीशा रांगड़ के बारे में – प्रारम्भिक जीवन – मूल रूप से उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल के क्यारी गाँव से संबंधित अनिशा रांगड़ का परिवार वर्तमान में डालनवाला ऋषिकेश देहरादून में रहता है। यही 1 अक्टूबर 2000 को माता श्रीमती बीना देवी और पिता श्री किशोर सिंह रांगड़ जी के घर मे अनीशा का जन्म हुआ…

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बुद्धा टेम्पल देहरादून वैसे तो देहरादून में घूमने लायक बहुत अच्छे स्थान हैं। मगर यदि आप देहरादून में कुछ अलग ढूढ़ रहे हैं, तो आपके लिए देहरादून का प्रसिद्ध बुद्ध मंदिर सबसे अच्छा विकल्प रहेगा। इसे सामान्य प्रचलित भाषा मे देहरादून का बुद्धा टेम्पल कहते हैं। यहाँ आकर आपको आध्यात्मिक शांति का अनुभव होगा और, बौद्ध कला और स्थापत्य कला का यह मंदिर बेजोड़ नमूना है। देहरादून क्लेमनटाउन में स्थित बुद्धा टेम्पल का निर्माण 1965 में शुरू हुआ था, और इसके निर्माण को लगभग  3 साल लगे थे। इस प्रसिद्ध बुद्ध मंदिर का निर्माण कोहेन रिनपोछे नामक बौद्ध भिक्षु ने अन्य…

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