उत्तराखंड में अनेक वीरों ने जन्म लिया। सिदुवा बिदुवा, पुरखू पंत, गंगू रमोला, आदि वीरो ने उत्तराखंड की पावन भूमि पर जन्म लेकर उत्तराखंड की माटी को , देवभूमि, वीरभूमि बना दिया। आज हम आपको इन्ही वीरो में से एक वीर नीलू कठायत का रोचक व अविस्मरणीय प्रसंग बताइयेंगे, आप इस रोचक प्रसंग का अंत तक आनन्द लीजिए। उम्मीद है, जब यह प्रसंग खत्म होगा,आप रोमांच और गर्व मिश्रित भावनाओं में गोते लगा रहे होंगे। इसे भी पढ़िये -कुमाऊँ का महान योद्धा पुरुषोत्तम पंत चंद शाशन में वीर सेनापति थे नीलू कठायत – नीलू कठायत चंपावत के राजा गरुदचंद्र…
Author: Bikram Singh Bhandari
उत्तराखंड की पहाड़ियों के बीच कटीली झाड़ियों में उगने वाला यह फल , हर एक उत्तराखंड निवासी की बचपन की यादें समेटे हुए दिव्य फल है। कुमाऊँ क्षेत्र में इसे हिसालू और गढ़वाल क्षेत्र में इसे हिसर नाम से जाना जाता है। https://youtu.be/6I7d9KeEi4k हिसालु या हिसर पहाड़ी फल का परिचय – हिसर को हिमालय की रसबेरी कहा जाता है। हिसालू का लैटिन नाम (Rubus elipticus ) है। यह rosaceae वर्ग की काँटेदार झाड़ीनुमा वनस्पति है। हिसालू ( hisalu ) या हिसर ( hisar ) का फल छोटे छोटे , नारंगी रंग के रस भरे दानों से मिलकर बना होता है।…
परिवार रजिस्टर नकल उत्तराखंड – मित्रों वर्तमान में लगभग हर चीज का डिजिटलीकरण हो रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी अब धीरे धीरे सारे सरकारी काम डिजिटल हो रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने भी कई जनता के काम को थोड़ा सहूलियत देने के लिए कई digital वेबसाइट निकाली है। जिनमे से उत्तराखंड की प्रमुख वेबसाइट है e- District Uttarakhand ( e डिस्ट्रिक्ट उत्तराखंड ) इसमे आप उत्तराखंड परिवार रजिस्टर की नकल देख सकते हैं। E-District Uttrakhand क्या है – E – District योजना e-government योजना के अंतर्गत चलने वाली state मिशन मोड की योजना है। जिसका मुख्य उद्देश्य…
विभूति की निकिता -कहते हैं, जब जीवन सबसे बड़ी परीक्षा लेता है, तभी असली हौसला सामने आता है। आमतौर पर पति के गुजर जाने या शहादत के बाद एक पत्नी टूट जाती है… लेकिन उत्तराखंड की वीरांगना निकिता ने इस धारणा को बदल दिया। यह कहानी है शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी लेफ्टिनेंट निकिता कौल ढौंडियाल की — जिन्होंने अपने पति की शहादत को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया। परिवार की जिम्मेदारियों को संभालते हुए, अपने आँसुओं को हौसले में बदलकर, निकिता ने न सिर्फ अपने जीवन को नई दिशा दी बल्कि अपने स्वर्गीय पति के अधूरे…
पहाड़ी तड़का जम्बू गंदरायणी – उत्तराखंड अपने विशेष खान पान के साथ साथ अपने ठेठ पहाड़ी तड़के के लिए प्रसिद्ध है। उत्तराखंड में जख़्या , काला जीरा, जम्बू , गंदरायण का पहाड़ी तड़का बहुत ही प्रसिद्ध है। मगर आजकल हम पहाड़ी अपने पारम्परिक पहाड़ी खान पान और पहाड़ी तड़के को भूल गए हैं। आज इस लेख मेंं उत्तराखंड के विलुप्त होते हुए 2 मसाले जम्बू और गंदरायणी के बारे चर्चा करंगे । जम्बू मसाला उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में एक खास मसाला प्रयोग किया जाता है। इस विशेष मसाले या तड़का मसाला का नाम है , जम्बू मसाला यह मसाला भारत के हिमालयी…
रायता हम उत्तराखंड वालों का सबसे पसंदीदा व्यजंन रहा है। आदिकाल से ही , पहाड़ी लोग रायते के शौकीन रहे हैं। विशेष कर उत्तराखंड के कुमाउनी क्षेत्र के लोग रायते के बहुत शौकीन होते हैं।पहले हम मेला केवल रायता और आलू गुटुक खाने जाते थे ,पहले मेलों में चाट, विभिन्न प्रकार का रायता, आलू के गुटके, दही जलेबी , रायता पकोड़ा, भांग की चटनी और पकोड़ा। विभिन्न प्रकार के रायते में, पहाड़ी ककड़ी का रायता, पहाड़ी मूली का रायता, पिनोउ का रायता (अरबी का रायता ) ये सभी पारम्परिक पकवान पहले मेलों के आकर्षण होते थे। अब तो चाउमीन, मोमो…
आज हम आपको उत्तराखंड कुमाऊँ मंडल के अल्मोड़ा जिले के तिखोंन कोट का एक रोचक ऐतिहासिक व्रतांत बताते हैं। प्रस्तुत कथा , लोक कथाओं और श्री बद्रीदत्त पांडे जी द्वारा रचित पुस्तक कुमाऊँ के इतिहास पर आधारित है। यदि आपको कुमाऊँ का इतिहास पुस्तक लेनी हो तो इसी लेख में पुस्तक का ऑनलाईन लिंक अमेजॉन दिया है। कृपया करके आप वहाँ से मंगा सकते हैं।अब आपका अधिक समय ना लेते हुए, शुरू करते हैं ये रोचक कथा, जो आधारित है, पणकोट के चिलवाल जाती की वीरता पर। तिखोंन कोट वर्तमान में मझखाली (उत्तराखंड ) क्षेत्र को कहा जाता है। यह ऊंची चोटी पर…
वात्सल्य योजना – उत्तराखंड में कोरोना महामारी ने विकराल रूप धारण किया है। इस महामारी में कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं। समाचार पत्रों की रिपोर्ट्स के अनुसार , उत्तराखंड की मृत्यु दर देश की मृत्यु दर से अधिक है। अभी कोरोना के साथ एक और बीमारी ब्लैक फंगस ने उत्तराखंड में दस्तक दे दी है । और मुख्यमंत्री जी ने आज ( 22.05.2021) को ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। इसके साथ आज मुख्यमंत्री महोदय ने एक महत्वपूर्ण योजना मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का शुभारंभ किया। क्या है मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना – मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत…
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में, देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदहाल कर दिया है। कोरोना संक्रमण के बीच , लोगों को कोरोना टेस्ट कराने में काफी परेशानियां हो रही हैं। देश तथा उत्तराखंड में जांच सेंपल का बैकलॉग बढ़ता ही जा रहा है। इन्ही परेशानियों को कम करने के लिए , भारतीय चिकित्सा परिषद (ICMR)ने बुधवार ( 19.05.2021) को घर मे ही कोरोना जांच किट कोविसेल्फ़ किट और कोविड-19 OTC एंटीजन LF ,दो ऐसी टेस्ट किट हैं जिन्हें भारत में मान्यता दी है। पुणे कि my lab को यह किट बनाने व बितरण की परमिशन दी गई है। इस…
कुमाऊनी भाषा के प्रसिद्ध कवि ,व्यंग्यकार, एवं हास्यकवि शेर सिंह बिष्ट “अनपढ़ ” जी के नाम से उत्तराखंड कुमाऊँ के लगभग सभी लोग परिचित हैं । आज 20 मई को उनकी पुण्यतिथि है। कुमाउनी कविता के संरक्षण और विकास में शेर सिंह बिष्ट , शेरदा अनपढ़ का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। शेरदा की कविताओं में,पहाड़ की समस्याएं, पहाड़ का दर्द सब कुछ समाया था। सरल शब्दों में कहें ,तो उनकी कविताओं में पूरा पहाड़ समाया होता था। आइये जानते हैं कुमाऊँ के प्रसिद्ध कवि शेर सिंह बिष्ट उर्फ शेरदा अनपढ़ जी के बारे में । शेर सिंह बिष्ट -शेरदा अनपढ़…