मित्रों अक्सर हम अपने पहाड़ी गीतों में, गढ़वाली और कुमाउनी गीतों में एक प्राचीन और प्रचलित तुकबंदी सुनते हैं ,”तिले धारू बोला” और हमारे दिमाग मे अकसर यह चलता रहता है कि तिले धारू बोला का मतलब क्या होता होगा? उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी ने इसका अर्थ कुछ इस प्रकार बताया, “तिले धारू शब्द हमारे वीर भड़ो के लिए इस्तेमाल होता था। इसका शाब्दिक अर्थ है, तिल धारी बोल, जो गाते गाते तिले धारू बोला हो गया। इसका मतलब तूने एक बोल रख दिया, तूने एक मिसाल कायम कर दी। तिल धारी बोल.. तिल…
Author: Bikram Singh Bhandari
हरियाली देवी मंदिर, हरियाली देवी को समर्पित यह प्राचीन सिद्धपीठ उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में अव्यस्थित है। हरियाली माई की बाला और वैष्णो देवी के रूप में भी पूजा की जाती है। हरियाली देवी मंदिर ,उत्तराखंड रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू – डांडाखाल रोड पर गौचर के बीच जसोली गावँ में स्थित है। यह प्रसिद्ध सिद्ध पीठ समुद्र तल से 1371 किमी की उचाई पर स्थित है। नगरासू से जसोली गांव लगभग 22 किलोमीटर दूर है। और जसोली गांव जहाँ हरियाली माता का मंदिर है वहां से लगभग 8 किलोमीटर दूर हरियाली कांठा में स्वयंभू भगवान् भोलेनाथ का शिवलिंग व्यस्थित है। इस…
नवरात्रि के शुभावसर पर आज हम आपके लिए , माँ भगवती के गढ़वाली जागर लिरिक्स लेकर आये हैं। ये गढ़वाली जागर लिरिक्स, जागर सम्राट के नाम से प्रसिद्ध प्रीतम भरतवाण जी की प्रसिद्ध गढ़वाली जागर ,नारेणी मेरी माता भवानी के हैं।माता भगवती को समर्पित लोक गायक प्रीतम भरतवाण जी की यह सबसे प्रसिद्ध गढ़वाली जागर है। तो मित्रों आइये आनंद लेते हैं, माता की गढ़वाली भजन का – गढ़वाली जागर नारेणी मेरी माता भवानी – जय शक्ति , शक्तिेश्वरी ब्रह्मा विष्णु माहेश्वरी। त्रिलोक जननी विजे विस्विनी माधवी दुर्गा भवानी जगत वन्दनी नारायणी प्रथमें शैलपुत्री ,द्वितीये ब्रह्मचारिणी , तृतीये चन्द्रघण्टेति का,चतुर्थी…
मित्रों इस लेख में हम आपको पहाड़ी भट्ट की चटनी की रेसिपी के बारे में जानकारी देंगे । भट्ट की चटनी से पहले हम यहां संक्षेप में काले भट्ट खाने के फायदे और उसमे पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे लेख शुरू करके अंत मे स्वादिष्ट भट्ट की चटनी का आनंद लेंगे। पहाड़ी भट्ट के बारे में – पहाड़ी भट्ट (Pahari bhatt) , काले भट्ट हमारे पहाड़ में उगाई जाने वाली मुख्य दाल है। यह बहुत ही पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं। पहाड़ी काले भट्ट मुख्यतः एशिया , चीन की प्रजाति है। अमेरिका वाले भी पहाड़ी भट्ट को बहुत…
उत्तराखंड का सदाबाहर कुमाउनी भजन ,जय मैया दुर्गा भवानी लिरिक्स (Jay maiya Durga bhawani lyrics) यह प्रसिद्ध भजन कुमाऊं के प्रसिद्ध गायक स्वर्गीय श्री गोपाल बाबू गोस्वामी जी ने गाया है। जै मैया दुर्गा भवानी लिरिक्स ( (Jay maiya Durga bhawani lyrics) :- तू ही दुर्गा , तू ही काली महिमा तेरी अपार। हे जग जननी जय महा माया ,आया तेरे द्वार।। जय मैया दुर्गा भवानी जै मैय्या । जै मईया दुर्गा भवानी जै मैय्या।। तेरी सिंह की माता सवारी । हाथ चक्र सुदर्शन धारी।। डाना काना में है रोछ वास डाना काना में है रोछ वास।। पुण्यगिरी में जली…
मित्रों आज आपके लिए उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल दोनो मंडलों में सुनाई जाने वाली लोक कथा लाएं है। यदि अच्छी लगे तो शेयर अवश्य करें मित्रों। तो आइए शुरू करते हैं, उत्तराखंड की लोक कथा,”ओखली का भूत” पहाड़ के किसी गाव में रमोती नामक एक औरत रहती थी। वो घर मे बच्चे के साथ अकेली रहती थी। उसका पति परदेश में नौकरी करता था। पहाड़ का जीवन आज भी संघर्षमय है। और प्राचीन काल मे तो बहुत ज्यादा संघर्ष था पहाड़ की जिंदगी में, पहाड़ के जीवन यापन में। ऐसा ही संघर्षमय जीवन था ,रमोती का दिन भर खेती…
नवरात्रि में भजन गाने के लिए पहाड़ी भजन के लिरिक्स का एक संकलन पोस्ट कर रहे हैं। इसमे देवी भगवती मैया भजन लिरिक्स और मैया तेरी जय हो भजन लिरिक्स और जय हो मैया भवानी भजन लिरिक्स हैं । जय हो मैया भवानी कुमाऊनी भजन लिरिक्स : माता के नवरात्रे शुरू हो रहे हैं और इसी खुशी में माता के आर्शीवाद से माता की सेवा में एक कुमाऊनी भजन अर्पित करने की कोशिश की है। जय मैया भवानी के नाम से संकलित इस कुमाऊनी भजन के गायक श्री हिमांशु भंडारी जी हैं और इसके गीतकार श्री बिक्रम सिंह भंडारी जी…
कार्तिक स्वामी मंदिर के बारे में – उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में रुद्रप्रयाग पोखरी मोटर मार्ग पर कनक चौरी नामक गाँव के पास क्रोंच पर्वत पर बसा है। कार्तिक स्वामी का प्रसिद्ध मंदिर समुद्र तल से लगभग 3048 मीटर की ऊंचाई पर स्तिथ है। कहते हैं कि कार्तिक स्वामी यहाँ आज भी निवाण रूपमें तपस्या करते हैं। रुद्रप्रयाग से लगभग 36 किलोमीटर दूर कनकचौरी पहुँच कर वहां से लगभग 4 किलोमीटर की चढ़ाई के साथ 80 सीढ़ियाँ चढ़ने के बाद पहुँच जाते हैं,कार्तिक स्वामी मंदिर में। इस मंदिर में सैकड़ों घंटियां लटकाई हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर की…
आनंद वन पार्क के बारे में ( About Anand van Park Dehradun ):- यदि आप देहरादून में नया फैमली पिकनिक स्पॉट या पार्क ढूढ़ रहे हो तो आपकी यह खोज देहरादून के आनंद वन पार्क पर आकर खत्म हो जाएगी। पिछले साल 17 अक्टूबर 2020 को आम जनता के लिए यह पार्क खोल दिया गया । शहरी वन पार्क देहरादून के झाझरा वन रेंज में स्थित है। देहरादून जिला मुख्यालय से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित आनंद वन पार्क ,प्राकृतिक और कृत्रिम कलाकारी एवं साहसिक पर्यटन का मिश्रण है। यह पार्क 50 एकड़ से अधिक भूमि में फैला हुआ है।…
आज उत्तराखंड के कई युवा अलग अलग क्षेत्रों में उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण और उसके प्रचार में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहें हैं। उन्ही में से एक नाम है नंदा सती का जिन्हे अब उत्तराखंड के लोग मांगल गर्ल के नाम से जानने लगे हैं। उत्तराखंड माँगल गीत जैसा कि हम सब लोगों को पता है , कि मांगल गीत हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग हैं। जैसा कि नाम से पता चल रहा है उत्तराखंड में मंगल अवसर पर गाये जाने वाले गीतों को मांगल गीत कहते हैं। शादी ,विवाह ,नामकरण , जनेऊ आदि शुभ कार्यों पर उत्तराखंड…

