गोल्ड-प्लेटेड नेपाली जंतर माला (artificial nepali jantar online shopping ) – परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम – क्या आप अपनी पारंपरिक सुंदरता में एक खास निखार लाना चाहती हैं? नेपाल का यह पारंपरिक आभूषण, नेपाली जंतर माला, अब सिर्फ नज़रदोष से बचाव के लिए नहीं, बल्कि एक स्टाइलिश गहने के रूप में भी पहना जा रहा है। पहले यह माला सिर्फ नेपाली महिलाओं द्वारा पहनी जाती थी, लेकिन अब यह पर्वतीय संस्कृति से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हो रही है। आज, जो लोग इसे खरीद सकते हैं, वे इसे सोने से तैयार करवा कर…
Author: Bikram Singh Bhandari
फूलदेई 2026 (Phool Dei 2026) उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध लोकपर्व है, जिसे हर साल चैत्र मास की संक्रांति पर मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति प्रेम, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में बच्चे सुबह-सुबह फूल चुनकर घरों की देहरी पर सजाते हैं और मंगलकामना गीत गाते हैं। इस लेख में हम जानेंगे फूलदेई पर्व 2026 (Phool Dei 2026) का महत्व, उत्सव मनाने की परंपरा, शुभकामनाएं, और आकर्षक फूलदेई फोटो (Phooldei Photo)। फूलदेई पर एक वीडियो देखें : https://youtu.be/EbGklD2dM4M?si=90C0yEOu-92IIpZ1 फूलदेई 2026 (Phool Dei festival 2026) कब है ? फूलदेई 2026 (Phool Dei 2026) इस वर्ष 14…
होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। समस्त भारत में विभिन्न राज्यों के लोग अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार होली मनाते हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में होली का एक विशेष रूप देखने को मिलता है, जिसे कुमाउनी होली कहा जाता है। यह होली लगभग दो महीने तक चलती है। बसंत पंचमी से रंग एकादशी तक बैठक होली होती है, और फाल्गुन रंग एकादशी से रंगभरी खड़ी होली शुरू होती है। इस खड़ी होली की शुरुआत चीर बंधन (Cheer Bandhan) से होती है। क्या है चीर बंधन (Cheer Bandhan)? फाल्गुन रंग एकादशी के दिन कुमाऊं में होली की शुरुआत…
कुमाऊनी होली Lyrics , विरहन तेरी मुरली – कुमाऊनी होली उत्तराखंड की एक अनूठी सांस्कृतिक धरोहर है। इसमें गाए जाने वाले पारंपरिक गीत लोकसंस्कृति और भक्ति रस में डूबे होते हैं। इसी क्रम में “विरहन तेरी मुरली” गीत बहुत लोकप्रिय है। इस लेख में हम इस गीत के बोल और इसकी महत्ता पर चर्चा करेंगे। विरहन तेरी मुरली होली का वीडियो देखेंनें के लिए यहाँ क्लिक करें विरहन तेरी मुरली Lyrics विरहन तेरी मुरली घनघोराघनघोरा-घन-घनघोरा विरहन तेरी मुरली घनघोरा .. काहे ने पालो हरे-परेवा भाई हरे परेवाकाहे ने पालो यो मोरा .. विरहन तेरी मुरली घनघोरा .. राजा पालो हरे…
जल कैसे भरु जमुना गहरी होली गीत (Jal Kaise Bharu Jamuna Gahri) एक अत्यंत लोकप्रिय कुमाऊनी होली गीत (Kumaoni Holi Song) है, जिसे मुख्यतः उत्तराखंड के कुमाऊँ अंचल में गाया जाता है। कुमाऊनी होली के बारे में देखे : https://youtu.be/iN2Jb8y6swQ यह गीत कुमाऊनी और ब्रज भाषा के सुंदर संगम को दर्शाता है। इसे खास तौर पर कुमाऊनी महिला होली (Kumaoni Mahila Holi) और खड़ी होली (Khadi Holi) के दौरान गाया जाता है। यह एक नायिका-केंद्रित होली गीत है, जिसमें प्रेम, लज्जा, पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और भावनात्मक अभिव्यक्ति का अद्भुत मेल देखने को मिलता है। गाँवों में आज भी यह होली बड़े…
उत्तराखंड की भूमि न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ की प्राचीन जातीय और सांस्कृतिक विरासत भी अत्यंत समृद्ध है। उत्तराखंड के मूल निवासियों की बात करें तो यहाँ खस और किरात जातियों का प्रमुख स्थान रहा है। ये जातियाँ इस क्षेत्र में प्राचीन काल से निवास कर रही थीं और इनका इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। उत्तराखंड के मूल निवासी : खस और किरात – 1. किरात जाति – हिमालय के प्राचीन निवासी – किरात जाति उत्तराखंड में आर्यों के आगमन से पहले ही यहाँ बस चुकी थी। ये लोग मुख्य रूप से नेपाल, असम,…
शिव के मन माहि बसे काशी : फरवरी– मार्च का महीना शुरू होते ही Uttarakhand के पहाड़ों में बसंत की बयार चलने लगती है और कुमाऊनी होली की रंगत चारों ओर फैल जाती है। बसंत पंचमी से बैठक होली की शुरुआत होती है और होली एकादशी आते-आते खड़ी होली पूरे शबाब पर पहुँच जाती है। कुमाऊनी होली का इतिहास देखिये – https://youtu.be/iN2Jb8y6swQ कुमाऊनी होली भारत की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है, जहाँ लोक भाषा और ब्रज भाषा का सुंदर संगम देखने को मिलता है। इसी परंपरा में गाया जाने वाला एक अत्यंत लोकप्रिय शिव भक्ति गीत है –…
होली का त्योहार उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। यहाँ के Kumaoni Mahila Holi Geet यानी महिला होली गीत अपनी अनूठी मधुरता और परंपरा के लिए जाने जाते हैं। इनमें नारी स्नेह, परिवारिक रिश्तों और सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलती है। आज हम आपके लिए एक लोकप्रिय कुमाउनी महिला होली गीत “Mero Rangilo Devar Ghar” के लिरिक्स और उसके पीछे की सांस्कृतिक विशेषताओं को प्रस्तुत कर रहे हैं। मेरो रंगीलो देवर घर | Traditional Kumaoni Holi Geet Lyrics मेरो रंगीलो देवर घर ऐरोछो। मेरो रंगीलो देवर घर ऐरोछो। सासु हु लड्डू, ननद हु…
कुमाऊनी होली (Kumaoni Holi) उत्तराखंड की एक अनूठी सांगीतिक परंपरा है, जिसका इतिहास चंद राजाओं के समय से जुड़ा है। जानिए बैठकी होली, खड़ी होली और महिला होली के महत्व, परंपराएँ और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी विशेष जानकारियाँ। होली : सनातन परंपरा का प्रमुख त्यौहार :- होली सनातन परंपरा का प्रमुख त्यौहार है। भारत में यह अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों में अलग-अलग प्रकार से होली मनाई जाती है। इनमें दो प्रमुख होली उत्सव विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं – उत्तराखंड की कुमाऊनी होली (Kumaoni Holi) और बरसाने की होली। https://youtu.be/Z1qsOyQcegQ?si=A_zEkUMQACOp4arD बरसाने…
उत्तराखंड (Uttarakhand Itihas) में अनेक लोकदेवताओं की पूजा की जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहाँ ‘खुदापूजा’ नामक एक अल्पज्ञात लेकिन अनोखी पूजा भी होती है? यह रहस्यमयी अनुष्ठान पिथौरागढ़ जनपद की सीमांत तहसील मुनस्यारी के कुछ गाँवों में विशेष रूप से मनाया जाता है। खास बात यह है कि यह पूजा भगवान शिव के अलखनाथ रूप की आराधना के रूप में होती है, लेकिन इसे ‘अलखनाथ पूजा’ के बजाय ‘खुदापूजा’ कहा जाता है। खुदापूजा का अनूठा अनुष्ठान – मूर्ति नहीं, केवल आस्था ! डा. निवेदिता (2004:138-41) के अनुसार, खुदापूजा के देवस्थल में किसी मूर्ति की स्थापना नहीं…

