अन्यारी देवी – शिव और शक्ति के उपासक होने के बावजूद उत्तराखंड के पहाड़ी लोगों में लोकदेवताओं को पूजने की समृद्ध परम्परा है। प्राचीन काल के नायक वर्तमान में श्रद्धापूर्वक लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं तो उस समय के खलनायक भी भय के कारण या अनिष्ट के डर से पूजे जाते हैं। हर लोकदेवता के साथ एक अलग कहानी जुडी होती है। हर किसी को जगह विशेष, पर्वत या मंदिर के नाम से याद किया जाता है। कही कही शिव या शक्ति को लोक देवताओं के रूप में भी पूजा जाता है। जैसे – सैम देवता, महासू देवता…
Author: Bikram Singh Bhandari
प्रयागराज से पहले गंगनानी में होता है गंगा और यमुना का संगम।उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित यह पवित्र स्थान उत्तराखंड का प्रयाग के नाम से मशहूर है। इस स्थान पर गंगा की धारा एक प्राचीन कुंड से निकल कर यमुना के साथ संगम बनाती है। और इसी स्थान पर केदार गंगा भी गंगा-यमुना के साथ मिलकर संगम बनाती है। कहां है पवित्र गंगनानी- उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 95 किलोमीटर दूर रवाई घाटी के बड़कोट के निकट लगभग सात किलोमीटर पर स्थित है पवित्र संगम स्थल गंगनानी। यह स्थान भगवान परशुराम जी के पिता जमदग्नि की तपोस्थली माना जाता…
प्रस्तावना – उत्तराखंड महापुरुषों की जननी रही है। यहाँ एक से बढ़कर एक महापुरुषों ,वीरों ने जन्म लिया और उत्तराखंड की पवित्र भूमि को अपने सतकर्मो से महान बना दिया। उत्तराखंड के इन्ही महापुरुषों में ,उत्तराखंड के गाँधी नाम से प्रसिद्ध महापुरुष इंद्रमणि बडोनी जी का नाम उत्तराखंड के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इन्हें उत्तराखंड राज्य आंदोलन के पुरोधा भी कहा जाता है। प्रारम्भिक जीवन – इंद्रमणि बडोनी जी का जन्म 24 दिसम्बर 1925 टिहरी जिले के जखोली ब्लॉक के अखोडी गावं में हुवा था। इनके पिता का नाम सुरेशानंद बडोनी था। इंद्रमणि बडोनी जी की माता…
उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले 12th पास युवाओं के लिए साल 2023 के अंतिम माह में अच्छी खबर आई है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ( UKSSC ) ने समूह ‘ग’ के अन्तर्गत परिवहन आयुक्त संगठन में परिवहन आरक्षी के 118 खाली पदों, कार्यालय आबकारी आयुक्त में आबकारी सिपाही के 100 खाली पदों, कार्यालय आबकारी आयुक्त में उप आबकारी निरीक्षक के 14 खालीपदों, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में हॉस्टल मैनेजर ग्रेड-3 के 02 खाली पदों तथा महिला कल्याण विभाग में गृह माता( हाऊस कीपर ) के 02 खाली पदों अर्थात कुल 236 खाली…
पहाड़ी स्टेटस -आजकल डिजिटल दौर में लोग अधिकतम समय सोशल मीडिया आदि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर गुजार रहे हैं। सभी लोगो को अपने स्थानीय परम्पराओं से ,अपनी भाषा बोली से जुड़े विचार (Quotes) अपने सोशल मीडिया पर स्टेटस के रूप में पोस्ट करना पसंद करते हैं। इसलिए इस पोस्ट में पहाड़ से जुड़े लोगों ( खासकर कुमाऊनी और गढ़वाली ) के लिए कुछ पहाड़ी कोट्स (Pahadi Quotes ) या पहाड़ी स्टेटस (Pahadi Status) का संकलन कर रहे हैं ,जिन्हे लोग अपने स्टेटस ,इंस्टाग्राम ,फेसबुक आदि में प्रयोग कर सकते हैं। या इन pahadi attitude वाले Quotes पढ़ कर आनंद ले सकते…
मित्रों यहाँ कुछ कुमाऊनी शायरी का संकलन करने जा रहे हैं। इन्हे पारम्परिक कुमाउनी भाषा में “जोड़” कहते हैं। प्राचीन लोकगीतों में जोड़ो का प्रयोग लोकगीतों के बीच -बीच में किया जाता था। यह कुमाऊनी लोकगीतों के अंतरों को बढ़ाने का काम भी करती है। कुमाऊनी जोड़ का अर्थ – जोड़ का शाब्दिक अर्थ होता है जोड़ना लेकिन कुमाऊनी भाषा मे दो लयात्मक पदों को आपस मे मिलाने को जोड़ कहा जाता है। तेज गति से गाये जाने वाले गीतों के बीच मे हल्का विराम देकर इन्हें गया जाता है। कुमाऊनी जोड़ विधा लगभग न्योली के साथ मिलती जुलती होती…
नौकरी की चाह रखने वाले उत्तराखंड के नैनीताल जिले के बेरोजगार युवको के लिए खुशखबरी आई है। नवम्बर के अंत में रामनगर नैनीताल में रोजगार मेला लगने जा रहा है। जिसमे कई बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार मिलेगा। रामनगर नैनीताल के सेवानियोजन कार्यालय में आगामी 29 नवंबर 2023 को रोजगार मेला लगेगा जिसमे लगभग 8 कंपनियां भाग लेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामनगर के रोजगार मेले में सुरक्षा गार्ड, lic एडवाइज़र, सेल्स और मार्केटिंग, चाइनीज कुक, फिल्ड कर्मचारी और किचन कुक की भर्ती होगी इस रोजगार मेले में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों को बायोडाटा ,शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थाई निवास…
श्रीनगर उत्तराखंड के प्रसिद्ध कमलेश्वर महादेव मंदिर में प्रसिद्ध बैकुंठ चतुर्दशी मेले का शुभारम्भ हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैबिनेट मंत्री श्री धन सिंह रावत ने मेले के अवसर पर पूजा अर्चना की। प्रत्येक वर्ष की तरह इस साल भी लगभग 200 से अधिक दंपत्ति संतान सुख की उम्मीद में प्रसिद्ध वैकुण्ठ चतुर्दशी के मेले में खड़ रात्रि जागरण करेंगे। कमलेश्वर महादेव नाम से प्रसिद्ध शिव का मंदिर श्रीनगर गढ़वाल में स्थित है। मान्यता है की इस मंदिर का निर्माण गुरु शंकराचार्य जी ने किया था। उत्तराखंड के इस प्रसिद्ध मंदिर में भगवान शिव ,गणेश और गुरु शंकराचार्य…
कराचिल अभियान के तहत मुहमद तुगल ने लाखों की विशाल सेना के साथ खुसरो मलिक को हिमालयी राज्य विजय करने हेतु भेजा था। मुहमद तुगलक ने हिमालयी राज्यों पर सन 1328 में आक्रमण किया था। उसने एक विशाल सेना को हिमालयी राज्यों या एक खास राज्य को जीतने भेजा था। लेखकों ने मुहमद बिन तुग़लक के इस अभियान को कराचल, काराचल, करजल, काराजिल, कराजील आदी अलग -अलग नाम दिए हैं। कहाँ था कराचिल राज्य – कराचिल अभियान के बारे में तत्कालीन अफ्रीकन पर्यटक इब्नबतूता ने कराचल अभियान का विवरण कुछ इस प्रकार दिया है , ‘यह हिमालय का एक भाग था।…
उत्तराखंड का समाज मुख्यतः कृषक व् पशुपालक ही रहा है। आदिकाल से ही उत्तराखंड के निवासी मुख्यतः प्रकृति प्रेमी रहे हैं। पहाड़ की सीढ़ीदार खेतों और जल जंगल के बाद पशु उत्तराखंडियों की अमूल्य संपत्ति रहे हैं। पहले से ही दुधारू गाय /भैंस के साथ बैलों की जोड़ी का पहाड़ियों के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। वर्तमानं में पहाड़वासियों ने पशुपालन थोड़ा कम कर दिया है। लेकिन अधिकतर लोग अभी भी अपनी पारम्परिक जीवन शैली अपनाये हुए हैं। पशुओं के लिए अगाध स्नेह होने के कारण पहाड़वासियों ने अपने और प्रकृति के साथ -साथ पशुओं के लिए भी कई लोकोत्सव…