Uttarakhand Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा उत्तराखंड राज्य के लिए 5 दिवसीय मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी बुलेटिन जारी किया गया है। विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। विशेषकर मैदानी और मध्य-पहाड़ी क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ (वाच/जागरूक रहें) जारी किया गया है।
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तारीखवार मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी (06 से 09 अक्टूबर 2026)
06 अक्टूबर 2026: राज्य के दक्षिणी और मैदानी जिलों—देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में गर्जन, आकाशीय बिजली चमकने तथा 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे उच्च हिमालयी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा और किसी प्रकार की चेतावनी नहीं है।
07 अक्टूबर 2026: देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में मौसम की स्थिति पूर्ववत बनी रहेगी। इन जिलों में गर्जन-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उच्च पर्वतीय जिलों (उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर) में किसी भी प्रकार की चेतावनी नहीं है (ग्रीन जोन)।
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08 अक्टूबर 2026: चेतावनी के दायरे में कुछ फेरबदल देखा जाएगा। उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली और नैनीताल जिलों में गर्जन एवं आकाशीय बिजली की संभावना के तहत येलो अलर्ट रहेगा। दूसरी ओर हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में मौसम शुष्क व सामान्य रहने की संभावना है।
09 अक्टूबर 2026: उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली व तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी रहेगा। वहीं हरिद्वार, अल्मोड़ा, चंपावत और उधम सिंह नगर जनपदों में स्थिति सामान्य रहेगी।
प्रशासन एवं आम जनता के लिए सलाह
मौसम विभाग ने येलो अलर्ट वाले जनपदों में रहने वाले निवासियों और पर्यटकों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा यात्रियों को यात्रा से पूर्व स्थानीय मौसम की जानकारी जांचने का परामर्श दिया गया है।





