हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित ‘उत्तराखंड प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन’ का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। प्रदेशभर से जुटे व्यापारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी वर्ग राज्य की आर्थिकी की रीढ़ है, जो केवल खरीद-बिक्री तक सीमित न रहकर रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने में प्रमुख भूमिका निभाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार व्यापारियों को महज करदाता नहीं, बल्कि विकास में बराबर का भागीदार मानती है।
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 संकट के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए व्यापारियों की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
भयमुक्त व्यवस्था और निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य व्यापारियों को भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। व्यापारिक सुगमता के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के तहत 26 विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। इसके साथ ही ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था, स्टार्टअप नीति और ₹200 करोड़ के वेंचर फंड से उद्यमिता को नई गति मिल रही है।
उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास को पहाड़ों तक पहुंचाने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों हेतु औद्योगिक पार्क के लिए भूमि चिह्नित की गई है, ताकि स्थानीय युवाओं को पलायन न करना पड़े।
व्यापारी हितों के लिए मुख्यमंत्री की 8 बड़ी घोषणाएं
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने व्यापारी कल्याण के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- आपदा राहत: प्राकृतिक या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए त्वरित कार्रवाई होगी।
- उद्योग मित्र समितियां: राज्य और जिला स्तर पर ‘उद्योग मित्र समितियों’ का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी।
- जीएसटी दुर्घटना बीमा प्रचार: जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा के नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि आश्रितों को समय पर लाभ मिले।
- पर्यटन व्यापार का सरलीकरण: पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण को सरल बनाते हुए सिंगल विंडो व्यवस्था लागू होगी।
- होम स्टे का विस्तार: पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होम स्टे का दायरा बढ़ाया जाएगा।
- चारधाम मार्ग पर पार्किंग: यात्रा मार्ग पर व्यापारियों और यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे।
- बाजारों का बुनियादी ढांचा: हाईवे और मुख्य मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों और नालियों का निर्माण व मरम्मत प्राथमिकता पर होगी।
- श्रमिक कल्याण: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
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आत्मनिर्भर उत्तराखंड का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को आध्यात्मिक के साथ आर्थिक शक्ति का केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने व्यापारियों से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के दौरान प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की स्मारिका का विमोचन किया गया और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत व सरिता आर्या, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, महामंत्री प्रकाश मिश्रा, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी समेत कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।




