नई दिल्ली। आईटीओ स्थित प्यारेलाल भवन में ‘उत्तरांचल भ्रात्रि सेवा संस्थान’ का नौंवा स्थापना वार्षिकोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और मां नंदा देवी की डोली यात्रा के साथ हुआ।
समारोह के आरंभ में उत्तराखंडी लोक संस्कृति की छटा बिखेरते हुए पारंपरिक लोक नृत्य झोड़ा-चाचरी और मां नंदा देवी डोली का भव्य प्रदर्शन किया गया, जिसने सभागार में मौजूद दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
निस्वार्थ सेवा के लिए मिला सम्मान
संस्थान द्वारा निगम बोध घाट, हिंडन घाट, बदरपुर एवं मोलड़बंद बदरपुर घाटों पर हर रविवार को नियमित सेवा कार्य किया जाता है। इस पुनीत कार्य में निरंतर योगदान देने वाले 250 सेवा मित्रों, विशिष्ट सहयोगियों, 18 युवा कलाकारों और 25 बाल कलाकारों को ‘पंचविभूति गौरव रत्न सम्मान’ से अलंकृत किया गया। इस दौरान संस्थान के बीते 9 वर्षों के सेवा कार्यों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री वीडियो भी प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित जनसमूह की भारी सराहना मिली।
एकता और सेवा ही हमारी पहचान: मोहन सिंह बिष्ट
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने उत्तराखंडी समाज को एकजुट होकर इस मानवीय सेवा को और सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “समाज की एकता ही हमारी पहचान और ताकत है। हम देवभूमि के लोग हैं और ईमानदारी हमारी पहचान है।” उन्होंने समाज उत्थान और परोपकार में जुटे सभी सेवा मित्रों को शुभकामनाएं दीं।
विशिष्ट अतिथि एवं पटपड़गंज विधायक रविन्द्र सिंह नेगी ने संस्थान के सेवा मित्रों की लगन और एकजुटता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंडी समाज को हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी इसी तरह बढ़-चढ़कर सुनिश्चित करनी चाहिए।
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कई गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. शरद पांडे, वेद प्रकाश शर्मा, के.आर. मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक एवं संयोजक हरदा उत्तरांचली, अध्यक्ष कुंदन सिंह रावत, उपाध्यक्ष उमेद सिंह शाह, महासचिव हरि सिंह रजवाड़, कोषाध्यक्ष भगवत रावत तथा वरिष्ठ सेवामित्र बसंत काण्डपाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
समारोह में लोक गायक बिशन सिंह हरियाला, धन सिंह तड़ियाल, नरेन्द्र मास्टर, शिव सिंह रावत, डॉ. तारा सिंह बिष्ट, किशोर नैनवाल, झुंगर सिंह बिष्ट, नारायण मौलेखी, हीरा बल्लभ, महिपाल रावत, देवब्रत चौहान, बहादुर सिंह, दिनेश जोशी, भुवन असवाल, कैलाश चौहान, किशन सिंह, कमल रावत, भरत नेगी, जगत नेगी, बलबीर रावत, प्रकाश बिष्ट, नवीन भट्ट, हयात राणा, हरि सिंह, प्रहलाद गुसाईं, हरीश अधिकारी, नरेश नैनवाल, राकेश मठपाल, प्रीतम नेगी, उत्तम रावत, विनोद मौलेखी, राम नाथ प्रसाद, गोविंद रावत, पूरन हालसी, ललित सिंह, अवतार सिंह राणा, अखिलेश भट्ट, अनिल चौहान, राजू बौरा, बीर सिंह बर्तवाल, बलवंत मेहरा और मगन लाल उनियाल सहित संस्थान की विभिन्न शाखाओं के अनेक सेवा मित्र मौजूद रहे।




