Kedartal Trek Rescue: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध केदारताल ट्रैक पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन (एवलांच) के चलते लापता हुए ट्रैकर्स व गाइड की तलाश के लिए 02 नवंबर 2026 को जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF), निम (NIM) और वन विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया। हालांकि, इलाके में लगातार बिगड़ते मौसम और अत्यधिक ऊंचाई के कारण सर्च ऑपरेशन में गंभीर बाधाएं आ रही हैं।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर मिले टेंट और बैग
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (उत्तरकाशी) से प्राप्त ताजा विवरण के अनुसार, ‘Soul Seeker’ ट्रेकिंग एजेंसी द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को प्रशासन को सूचना दी गई थी कि गंगोत्री से केदारताल ट्रैक पर निकला दल वापसी के दौरान भारी हिमपात और एवलांच की चपेट में आ गया है। लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर गाइड सहित कुल 8 सदस्य लापता चल रहे हैं।
02 नवंबर की दोपहर लगभग 02:00 बजे वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी की ग्राउंड सर्च टीम कैदारखडग (कच्ची ढांग) से आगे लापता लोकेशन तक पहुंची। खोजबीन के दौरान टीम को घटनास्थल से टेंट और बैग बरामद हुए हैं, लेकिन लापता ट्रैकर्स और गाइड का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
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दिनभर हुई हेली रैकी, मौसम बना रोड़ा
लापता ट्रैकर्स की खोज के लिए सुबह से ही हेलीकॉप्टर (VT-NAL) के जरिए पांच राउंड की हवाई रैकी की गई:
- सुबह 08:32 बजे से लेकर 10:56 बजे के बीच NIM और SDRF के संयुक्त दलों ने घटनास्थल का हवाई मुआयना किया।
- हेली रैकी और ग्राउंड टीमों द्वारा सघन खोजबीन के बावजूद अत्यधिक हिमपात और शून्य दृश्यता के चलते ट्रैकर्स का पता नहीं लग पाया।
- मौसम अत्यधिक प्रतिकूल होने के कारण दोपहर बाद हवाई व जमीनी खोज अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। वर्तमान में NIM और SDRF की टीमें कैदारखडग बेस कैंप में रुकी हुई हैं, जबकि वन विभाग की टीम भोजखडग बेस कैंप लौट आई है।
तपोवन दल पूरी तरह सुरक्षित
राहत की बात यह रही कि गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार तपोवन ट्रैक पर गया ट्रेकिंग दल पूरी तरह सुरक्षित है। दल के सदस्य तपोवन से वापस भोजवासा पहुंच रहे हैं, जिनकी सहायता के लिए वन विभाग व ट्रेकिंग एजेंसी की 7 सदस्यीय टीम भोजवासा पहुंच चुकी है।
प्रशासन अलर्ट पर
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं प्रशासन की टीम आपातकालीन परिचालन केंद्र से पूरे घटनाक्रम और रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगातार नजर बनाए हुए है। उच्चाधिकारियों के अनुसार मौसम साफ होते ही सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन को फिर से पूरी गति से शुरू किया जाएगा।




