उत्तराखण्ड जनगणना-2027: उत्तराखण्ड में आगामी भारत की जनगणना-2027 के संचालन को लेकर उपजे भ्रम की स्थिति पूरी तरह साफ हो चुकी है। राज्य जनगणना कार्य निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में जनगणना का महाभियान पहले से तय समय-सारणी के अनुरूप ही संचालित होगा। गैर-निर्वाचन राज्यों से संबंधित हालिया केंद्रीय सूचनाओं के बीच राज्य में तिथियों के स्थगन अथवा बदलाव की अटकलों पर विराम लग गया है।
16 नवम्बर से डिजिटल माध्यम से स्व-गणना का विकल्प
नागरिकों की सहूलियत और आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता देते हुए विभाग पहले ‘सेल्फ-एन्यूमिरेशन’ (स्वयं गणना) का अवसर उपलब्ध कराएगा। 16 नवम्बर, 2026 से 30 नवम्बर, 2026 के बीच आम नागरिक ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप्लिकेशन के जरिए स्वयं अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। इस डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से लोग घर बैठे अनिवार्य आंकड़े साझा कर समय बचा सकते हैं।
दिसम्बर से धरातल पर उतरेगा फील्ड वर्क
डिजिटल चरण के तुरंत बाद 01 दिसम्बर, 2026 से मैदानी स्तर पर प्रत्यक्ष प्रगणक कार्य प्रारंभ होगा, जो 04 जनवरी, 2027 तक निरंतर चलेगा। इस दौरान गणना दल घर-घर पहुंचकर आंकड़ों का सत्यापन और उन परिवारों का विवरण दर्ज करेंगे जिन्होंने ऑनलाइन माध्यम का विकल्प नहीं चुना था।
अन्य राज्यों की अधिसूचना से उत्तराखण्ड अप्रभावित
जनगणना कार्य निदेशक श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, देश के अन्य गैर-निर्वाचन राज्यों के लिए जारी अलग-अलग निर्देशों का प्रभाव उत्तराखण्ड के कार्यक्रम पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में रेखांकित किया कि प्रदेश में प्रशासनिक तैयारियां पूर्ण हैं और कार्ययोजना में किसी भी प्रकार का संशोधन, विलंब या स्थगन नहीं किया गया है।




