वेरावल (सोमनाथ), गुजरात: देवभूमि उत्तराखंड से शुरू हुई ऐतिहासिक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा’ आज सुबह गुजरात के वेरावल (सोमनाथ) रेलवे स्टेशन पर सफलतापूर्वक पहुँच गई। स्टेशन पर पहुंचते ही देवभूमि से आए सभी तीर्थयात्रियों का अद्भुत और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जिसने दो राज्यों की सांस्कृतिक एकता का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया।
शानदार गरबा और पुष्प वर्षा से अभिनंदन
गुजरात सरकार के युवा एवं संस्कृति विभाग ने इस अवसर को खास बनाने के लिए विशेष तैयारियां की थीं। स्टेशन पर यात्रा के पहुंचते ही शानदार गरबा नृत्य की प्रस्तुति दी गई और तीर्थयात्रियों पर पुष्प वर्षा की गई।
- पारंपरिक स्वागत: ढोल-नगाड़ों और गुजराती लोक संस्कृति की भव्य झलक ने देवभूमि से आए यात्रियों की सारी थकान मिटा दी।
- सरकारी पहल: गुजरात के युवा एवं संस्कृति विभाग की इस पहल ने अतिथियों को गुजरात की ‘अतिथि देवो भव:’ परंपरा का सीधा अहसास कराया।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समागम
यह यात्रा केवल एक तीर्थयात्रा नहीं है, बल्कि भारत के दो प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों के बीच का सेतु है। हिमालय की गोद में बसी ‘देवभूमि’ (उत्तराखंड) से चलकर भगवान शिव के प्रथम ज्योतिर्लिंग (सोमनाथ) तक की यह यात्रा सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रीय एकता को दर्शाती है।
भव्य स्वागत से अभिभूत होकर कई तीर्थयात्रियों ने गुजरात सरकार और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। स्टेशन पर स्वागत के पश्चात, अब सभी श्रद्धालु सोमनाथ महादेव के दर्शन, जलाभिषेक और स्वाभिमान पर्व से जुड़े अन्य विशेष आयोजनों में भाग लेंगे।



