शकुनाखर कुमाऊं मण्डल के संस्कार गीतों की एक विशेष विधा है। शकुन का अर्थ होता है, शगुन सूचक और आखर…
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उत्तराखंड के पहाड़ की वास्तविक हालत बताती प्रदीप बिलजवान विलोचन जी की यह गढ़वाली कविता। गढ़वाली कविता का शीर्षक है…
भगवान शिव को सनातन धर्म के लोग अपनी अपनी संस्कृति और अपनी बोली भाषा के अनुसार अलग अलग तरीके से…
गोलू देवता उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के लोक देवता हैं। इन्हे उत्तराखंड में न्याय के देवता के रूप में पूजा…
दगड़ियों यहाँ माता के गढ़वाली भजन कीर्तन लिरिक्स शीर्षक से, हेमा नेगी कारसी जी का प्रसिद्ध भजन जय हो माता…
मित्रो माता के नवरात्री के उपलक्ष में माँ अगनेरी देवी और माँ वाराही देवी के कुमाऊनी भजन का संकलन इस…
गढ़वाली गीत लिरिक्स – इस लेख में हम आपके लिए कुछ सदाबहार गढ़वाली गीत लिरिक्स या गढ़वाली गीतों के बोलों…
आजकल खुशी जोशी दिगारी और नीरज चुफाल का एक कुमाउनी झोड़ा, अल्मोड़ा अंग्रेज आयो टैक्सी में, उत्तराखंड में काफी पसंद…
दोस्तों आज आपके लिए अपने इस ब्लॉग में लाएं है। एक सदाबहार कुमाउनी गीत मेरी दुर्गा हरे गे के बोल और…
चैत्र का महीना, हिन्दू धर्म के लोगो के लिए खास होता ही है, मगर यह महीना उत्तराखण्डी लोगों के लिए…