आजकल यूट्यूब के जमाने में एक से बढ़कर एक कुमाउनी, गढ़वाली गीत रिलीज हो रहे हैं। इंटरनेट की आसान उपलब्धता के कारण, गीत संगीत मनोरंजन आसान हो गया है। यूट्यूब पर पहाड़ से जुड़े गीत और अन्य प्रकार की मनोरंजक सामग्री की एक भीड़ सी हो गई है। इस भीड़ में कुछ लोग हैं ,जो पहाड़ के असली लोकगीतों और पहाड़ की संस्कृति को उसके वास्तविक रूप में दिखा रहे हैं। उनमे से एक है टीम घुगुती जागर ! बहुत कम समय में टीम घुगुती जागर ने अपने पहाड़ की संस्कृति से जुड़े लोकगीतों और अपने मृदु व्यवहार से लोगों…
Author: Bikram Singh Bhandari
2022 में चार धाम कपाट खुलते ही चारधाम यात्रा पुरे हर्षोउल्लास और उत्साह के साथ शुरू हो गई थी। कोरोना महामारी के बाद ,दो साल बाद इस साल 2022 में चार धाम यात्रा निर्विघ्न रूप से शुरू हुई। इस साल लोगों में चार धाम यात्रा का ऐसा उत्साह जगा कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही बीस हजार से अधिक यात्री दर्शन के लिए पहुंच गए। सरकार के इंतजाम भी कम पड़ गए थे। बाद में भीड़ देखते हुए सरकार ने प्रतिदिन दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या नियंत्रित की। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा आजकल अपने चरमोत्कर्ष पर है। अब…
भंडारी गोलू- ग्वेल ज्यू का ये मंदिर बागेश्वर के कांडापड़ाव से लगभग सात किलोमीटर दूर पिथौरागढ़ के सीमांत गांव ढलौनासेरा में स्थित है। यहाँ ग्वेलज्यू को न्यायकारी देवता के रूप में पूजा जाता है। इस पर एक पौराणिक लोकगाथा भी है जो इस प्रकार है। ढलौनासेरा गांव में पहले भंडारी जाती के लोग रहते थे। ढलौनासेरा की जमीन काफी उपजाउ थी। वहां उन्नत किस्म के धानों का उत्पादन होता था। अभी भी पहाड़ में सेरा वाली जो भी भूमि काफी उपजाऊ और धानों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध होती है। कहते हैं वहां अधिक उपजाऊ जमीन होने के कारण भंडारी…
02 अक्टूबर को समस्त देश बापू व् लाल बाहदुर शास्त्री जी की जयंती मनाता है। किन्तु उत्तराखंड इसे काला दिवस के रूप में मनाता है। 02 अक्टूबर 1994 का दिन उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लिए काला दिवस साबित हुवा। क्योंकि 1 अक्टूबर 1994 की रात अलग उत्तराखंड की मांग के लिए दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फर नगर के रामपुर तिराहे पर तत्कालीन प्रशाशन ने गोलियाँ चलाई और कई आंदोलनकारी शहीद हो गए। और तत्कालीन उत्तर प्रदेश की पोलिस पर उत्तराखंड की महिला आंदोलनकारियों के साथ दुराचार के आरोप भी लगे। इस कांड पर आज भी उन पीड़ितों को इंसाफ…
उत्तराखंड के वासियों की औलोकिक आस्था एवं विश्वास के अनुसार, जब किसी व्यक्ति के अस्वस्थ होने पर, औषधीय उपचारों से कोई लाभ नहीं होता है, तब उसके परिजनों का यह विश्वाश रहता है कि, उसपर किसी ऊपरी छाया या स्थानीय भूत प्रेत का असर हो गया है। या उनके कुलदेवता, लोकदेवता, ग्रामदेवता रुष्ट हो गए हैं। ऐसी आशंका के चलते संभवित देवी देवता या स्थानीय भूत -प्रेत के नाम पर एक कटोरे या हरे पत्ते में थोड़े से चावल और एक रुपया या कुछ पैसे रखकर, उसे प्रभावित व्यक्ति के ऊपर इस वचनबद्धत्ता के साथ घुमाया जाता है, कि वह…
बीते 23 सितम्बर 2022 को एक कुमाउनी फिल्म माटी पछ्याण ,उत्तराखंड के लगभग सभी सिनेमाघरों में रिलीज की गई। पहाड़ की जन समस्याओं पर बनी इस फिल्म के निर्माता फराज शेर हैं। और इस फिल्म के निर्देशक अजय बेरी जी हैं। उत्तराखंड के दर्शकों को यह फिल्म कितना पसंद आती है इसका पता आने वाले दिनों में लगेगा। युवा लेखक और सामाजिक कार्यों में समर्पित शंकर भंडारी जी लेखनी के माध्यम से जानिए यह फिल्म कैसी है ? और आपको देखनी चाहिए या नहीं ? कुमाउनी फिल्म माटी पछ्याण का रिव्यू फिल्म “माटी पहचान” (माटी पछ्याण) कुमाऊ की पहली ऐसी…
पलायन पर गढ़वाली कविता- टिहरी गढ़वाल के युवा लेखक प्रदीप बिजलवान बिलोचन जी के सहयोग से यहाँ उत्तराखंड की मूल समस्या पलायन पर गढ़वाली कविता प्रस्तुत कर रहें हैं। इं देवभूमि का देवी देवता, बोल किलै बिसराई तीन। सारी दुनिया मां मान, हमारू बढ़ाई जौंन, अगाड़ी बढ़न की होड़ मां, कुजानी क्या पौन की दौड़ मां, न कुछ पाई अर न, कुछ दी सकी तीन। इं देवभूमि का देवी देवता, बोल किलै बिसराई तीन। बूढ़ा पराणी त जनु कैद, सी रैगी हो जेलू मां। शूर त राइ लग्यूं ऊं कू, अपणा घर अर , गौ की गुठ्यारयों मां। पुतला सी…
दगड़ियों यहाँ माता के गढ़वाली भजन कीर्तन लिरिक्स शीर्षक से, हेमा नेगी कारसी जी का प्रसिद्ध भजन जय हो माता जय चंडिका के लिरिक्स एवं वीडियो प्रस्तुत कर रहें हैं। शीर्षक – जै हो माता जय चंडिका गढ़वाली भजन कीर्तन लिरिक्स जै हो माता, जय चंडिका ,जय हो भवानी जै हो माता, जय चंडिका ,जय हो भवानी। त्वे सेवा लांदु हे माँ , ह्वे जायी दैणी। मौड़ गौ मा तेरु माँ द्यो थान सजी ग्ये। दश्जुला की चंडिका देवरा पैटी गए। दश्जुला की चंडिका देवरा पैटी गए जै हो माता, जय चंडिका ,जय हो भवानी अगवानी को वीर तेरु भैरव…
मित्रो माता के नवरात्री के उपलक्ष में माँ अगनेरी देवी और माँ वाराही देवी के कुमाऊनी भजन का संकलन इस पोस्ट में करने जा रहें हैं। अच्छा लगे तो अपने मित्रता समूह में अवश्य साँझा करें। शीर्षक – अग्नेरी तू दैणी है जैये चौखुटी गेवाड़ की मां अग्नेरी तू दैंणी है जाए, चौखुटी गेवाड़ की मां भगवती तू दैंणी है जाए, ओहो अग्नेरी तू दैंणी है जाए भगवती तू दैंणी है जाए चौखुटी गेवाड मैय्या रामगंगा किनारा, नाम अग्नेरी त्यौरौ रूप काली माता, रुप तेरो काली मां अग्नेरि तू दैंणी है जाए, रुप तेरो काली मां भगवती तू दैंणी है…
Lumpy Virus (लम्पी वायरस) अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी फैलने लगा है। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ों में भी इस बीमारी ने दस्तक दे दी है। उत्तराखंड में लम्पी वायरस की रोकथाम के लिए उत्तराखंड सरकार ने SOP जारी की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में लम्पी वायरस से पशुओं की मृत्यु दर 1 .6 प्रतिशत है। जबकि पशुओं के ठीक होने की दर 40 प्रतिशत है। 26 सितम्बर सोमवार से उत्तराखंड में पशुओं को लम्पी वायरस से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। पशुपालन मंत्री सौरव बहुगुणा ने लोगो से अपील की कि,…