Author: Pramod Bhakuni

इस साइट के लेखक प्रमोद भाकुनी उत्तराखंड के निवासी है । इनको आसपास हो रही घटनाओ के बारे में और नवीनतम जानकारी को आप तक पहुंचना पसंद हैं।

हल्द्वानी उत्तराखंड का एक छोटा सा शहर है। कुमाऊं का द्वार और उत्तराखंड की आर्थिक राजधानी के नाम से प्रसिद्ध यह शहर खास है। वैसे तो यहाँ से आगे प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर कुमाऊँ मंडल के द्वार खुल जाते हैं। हल्द्वानी में घूमने लायक कुछ स्थान ऐसे हैं जहाँ आप घूमकर अपना मनोरंजन कर सकते हैं। या यूँ कह सकते हैं यदि आप कुमाऊँ मंडल की यात्रा पर आये हो तो हल्द्वानी के इन स्थानों को अवश्य देखना चाहिए। यहाँ की खूबसूरती और अहसास को महसूस करना चाहिए। हल्द्वानी का इतिहास हल्द्वानी उत्तराखंड के नैनीताल जिले में 29 डिग्री 13…

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उत्तराखंड में पर्यटन – वैसे तो पूरा उत्तराखंड अपने आप में पर्यटन की जगह है यहा की हर एक चीज अपने आप मैं फेमस  है और उसका उसका अपना एक रहस्य है। यहा आपको हर एक जगह पहुच कर आनंद की अनुभूति प्राप्त होगी। 9 नवम्बर 2000 को भारत का 27वें तथा हिमायली क्षेत्रों का 11वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आ गया। यह उत्तराखण्ड भारत का एक ऐसा प्रदेश है जो कि वैदिककाल से ही भारतीय जीवन में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है और आधुनिक काल में भी अपने गगनचुम्बी हिमशिखरों, वैविध्यपूर्ण अद्भुत प्राकृतिक सौन्दर्य एवं पवित्र…

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द्वाराहाट उत्तराखंड के कुमाऊँ मंडल के अल्मोड़ा जिले में स्थित है। इसे सांस्कृतिक नगरी ,वैराट ,उत्तर की द्वारिका भी कहा जाता है। वैसे द्वाराहाट और द्वाराहाट के पास कई दर्शनीय स्थल हैं उसमे से खास ये 3 स्थल देखने लायक हैं।उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में द्वाराहाट से 14km दूरी पर है । दुनागिरी से 5 km दूरी पर कुकुछीना पड़ता है।  कुकुछीना  से लगभग 4 km का पेेदल पथ तय कर के सुुप्रसिद्ध पाण्डखोली आश्रम पहुुँचा जा सकता है। स्व: बाबा बलवन्त गिरी जी ने आश्रम की स्थापना की थी और महावतार बाबा व लाहिड़ी महाशय जैसे उच्च आध्यात्मिक संतों…

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आइये शुरू करते है, देवभूमि उत्तराखंड की अलौकिक वादियों में से एक दिव्य रमणीक लुभावना स्थल है कैंची धाम। कैंची धाम जिसे नीम करौली धाम भी कहा जाता है, उत्तराखंड का एक ऐसा तीर्थस्थल है, जहां वर्ष भर श्रद्धालुओ का तांता लगा रहता है। भारी संख्या में भक्तजन व श्रद्धालु यहां पहुचकर अराधना व श्रद्धा पुष्प श्री नीम करौली बाबा के चरणों में अर्पित करते है। प्रतिवर्ष  15 जून को यहां एक विशाल मेले व भंडारे का आयोजन होता है। भक्तजन यहां आकर अपनी श्रद्धा व आस्था को व्यक्त करते है। कहते है कि यहां पर श्रद्धा एवं विनयपूर्वक की…

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