Tuesday, March 5, 2024
Homeमंदिरतीर्थ स्थलगंगोत्री धाम | गंगोत्री के पास घूमने लायक स्थान | Gngotri yatra...

गंगोत्री धाम | गंगोत्री के पास घूमने लायक स्थान | Gngotri yatra in Hindi

गंगोत्री धाम | गंगोत्री धाम के पास घूमने लायक स्थान

जब भी आप चार धाम की यात्रा के लिये आये तो उनके आस -पास कई ऐसी जगह होती है जिनके बारे मे हमको पता नही होता इसलिए हम उनके दर्शन नही कर पाते है आज हम आपको गंगोत्री के आस-पास घूमने के लिए व देखने के लिए कुछ खास जगह के नाम बताएंगे यात्रा के  साथ-साथ आप इनके भी दर्शन कर सकते है
गंगोत्री मंदिर : गंगा माता का पहला और सबसे ज़्यादा धार्मिक महत्व रखने वाला यह मंदिर गंगोत्री का प्रमुख आकर्षण है और भक्तों को दूर-दराज़ से बुलावा देता है। यह छोटे चार धाम यात्रा में से भी एक है।

गोमुख :
भागीरथी नदी के उद्गम गौमुख तक जाने के लिए आपको गंगोत्री से 18 किमी उत्तर पैदल यात्रा करनी पड़ेंगी। एक दिन में केवल 150 यात्रियों को यहाँ जाने का परमिट मिल सकता है।

नीम करोली बाबा की कहानी के लिए यहां क्लिक करें।

गंगा ग्लेशियर:
गंगा का उद्गम जिस हिमखंड से होता है वह गंगोत्री से क़रीब 30किमी दूर स्थित है। 4200 मीटर से भी ज़्यादा की ऊँचाई पर स्थित इस ग्लेशियर तक जाना जोख़िम एवं रोमांच से भरा है।

Best Taxi Services in haldwani

दायरा बुग्याल:
बुग्याल या फिर विशाल हरे मुलायम घास के मैदान हिमालय की इन ऊँचाइयों पर पाए जाते हैं। दायरा बुग्याल बहुत ही खूबसूरत प्रदूषण से दूर धरती पर स्वप्नलोक की तरह है।

केदार ताल:
गहरे नीले ताज़े पानी से भरा एक झील जिस तक पहुंचने के लिए आपको काफ़ी चढ़ाई करनी पड़ेंगी, पर यहाँ के नज़ारे देख कर आप दुनिया के बारे में सब कुछ भूल जाएँगे।
इसके अलावा गंगोत्री के पास अनेकों ट्रेक्स हैं जिनपे एडवेंचर लवर्स और तीर्थ यात्री दोनों ही मिल जाएँगे।

इसे भी जाने:- रोमांच चाहने वालो के लिए उत्तराखंड में की जाने वाली सर्वश्रेष्ठ गतिविधिया

केदारखंड :
केदारखंड में मुख्यमठ की तीर्थयात्रा को महत्वपूर्ण माना गया है। इससे सटा है मार्कण्डेयपुरी जहां मार्कण्डेय मुनि के तप किया तथा उन्हें भगवान विष्णु द्वारा सृष्टि के विनाश का दर्शन कराया गया। किंबदन्ती अनुसार इसी प्रकार से मातंग ऋषि ने वर्षों तक बिना कुछ खाये-पीये यहां तप किया।

भैरों घाटी:
धाराली से 16 किलोमीटर तथा गंगोत्री से 9 किलोमीटर। भैरों घाटी, जध जाह्नवी गंगा तथा भागीरथी के संगम पर स्थित है। यहां तेज बहाव से भागीरथी गहरी घाटियों में बहती है, जिसकी आवाज कानों में गर्जती है।

हर्षिल:
यह वन्य बस्ती अपने प्राकृतिक सौंदर्य एवं मीठे सेब के लिये मशहूर है। हर्षिल के आकर्षण में हवादार एवं छाया युक्त सड़क, लंबे कगार, ऊंचे पर्वत, कोलाहली भागीरथी, सेबों के बागान, झरनें, सुनहले तथा हरे चारागाह आदि शामिल हैं।

नंदनवन तपोवनस
गंगोत्री से 25 किलोमीटर दूर गंगोत्री ग्लेशियर के ऊपर एक कठिन ट्रेक में नंदनवन ले जाती है जो भागीरथी चोटी के आधार शिविर गंगोत्री से 25 किलोमीटर दूर है। यहां से शिवलिंग चोटी का मनोरम दृश्य दिखता है। गंगोत्री नदी के मुहाने के पार तपोवन है जो अपने सुंदर यहां चारगाह के लिये मशहूर है तथा शिवलिंग चोटी के आधार के चारों तरफ फैली है।

गंगोत्री
गंगोत्री

उत्तराखंड का पहला कैश न डिलीवरी देने वाला ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल।

Follow us on Google News
Pramod Bhakuni
Pramod Bhakunihttps://devbhoomidarshan.in
इस साइट के लेखक प्रमोद भाकुनी उत्तराखंड के निवासी है । इनको आसपास हो रही घटनाओ के बारे में और नवीनतम जानकारी को आप तक पहुंचना पसंद हैं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img
Amazon

Most Popular

Recent Comments