फूला हाजरी को फूला: कुमाऊनी झोड़ा गीत (pahadi bhajan lyrics mata rani) : “फूला हाजरी को फूला” उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में गाया जाने वाला एक पारंपरिक झोड़ा गीत है। इसे नवरात्रि, देवी पूजा, भजन-कीर्तन और अन्य शुभ अवसरों पर सामूहिक रूप से गाया जाता है। इस झोड़ा गीत का पारंपरिक मुखड़ा “फूला हाजरी को फूला” है। इसके साथ अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय परंपरा और देवी-देवताओं के अनुसार नए अंतरे जोड़े जाते रहे हैं। यही वजह है कि इस गीत के बोल क्षेत्र के अनुसार कुछ अलग भी सुनने को मिल सकते हैं।
नीचे दिए गए अंतरों में कुमाऊं की विभिन्न देवी शक्तियों का स्मरण किया गया है। इन अंतरों को बिक्रम सिंह भंडारी ने इस पारंपरिक मुखड़े की शैली में प्रस्तुत किया है।
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फूला हाजरी को फूला – कुमाऊनी झोड़ा गीत लिरिक्स –
फूला हाजरी को फूला, त्वे फूला देवी चढुला।
तू देवी दैंण है जाए, मैं देवी फूल चढूला।
फूला हाजरी को फूला, त्वे फूला देवी चढुला।
तू देवी दैंण है जाए, मैं देवी फूल चढूला।
दूनागिरी की मैया, मै मैया भेट चढ़ूलो।
तू मैया दैंण है जाए, मैं देवी भेंट चढ़ूलो।।
फूला हाजरी को फूला, त्वे फूला देवी चढुला।
तू देवी दैंण है जाए, मैं देवी फूल चढूला।
कोट की नंदा माई, सबुकै करि दे छाई।
त्यारा थानम में देवी, मैं देवी दिया जलुलो।
फूला हाजरी को फूला, त्वे फूला देवी चढुला।
तू देवी दैंण है जाए, मैं देवी फूल चढूला।
तेरो सौकार देवी, मैं तेरि सेवा करूलो।
तू देवी लाज धरिए, मैं देवी फूल चढूलो।
फूला हाजरी को फूला, त्वे फूला देव चढुला।
तू देवी दैंण है जाए, मैं देवी फूल चढूला।
कसार की दुर्गा माता, गर्जिया की ईजा भवानी।
तू इजू दैंण होये, मैं इजू भेंट चढुलो।
फूला हाजरी को फूला, त्वे फूला देवी चढुला।
तू देवी दैंण है जाए, मैं देवी फूल चढूला।। × 2
फूला हाजरी को फूला झोड़ा गीत की विशेषता –
कुमाऊं के लोकगीतों में झोड़ा सामूहिक गायन और नृत्य की एक लोकप्रिय परंपरा है। “फूला हाजरी को फूला” इसी लोक परंपरा से जुड़ा देवी गीत है। नवरात्रि और अन्य शुभ अवसरों पर लोग इसे सामूहिक रूप से गाते हैं। इस गीत की खास बात यह है कि इसका पारंपरिक मुखड़ा स्थायी रूप से गाया जाता है, जबकि अंतरे स्थानीय मान्यता, देवी-देवता और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार बदले या जोड़े जा सकते हैं। इसलिए अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों में इसके अलग रूप सुनने को मिलना स्वाभाविक है। इस संस्करण में दूनागिरी की मैया, कोट की नंदा माई, सौकार देवी, कसार की दुर्गा माता और गर्जिया की ईजा भवानी का स्मरण किया गया है।
गीत की जानकारी :-
- गीत: फूला हाजरी को फूला
- विधा: कुमाऊनी झोड़ा गीत
- मुखड़ा: पारंपरिक
- अंतरे: बिक्रम सिंह भंडारी
- भाषा: कुमाऊनी
- अवसर: नवरात्रि, देवी पूजा, भजन-कीर्तन एवं अन्य शुभ अवसर
विषय: देवी भक्ति और लोकपरंपरा
लोकगीतों की परंपरा में एक ही गीत के बोल क्षेत्र और गायन परंपरा के अनुसार अलग-अलग रूप में मिल सकते हैं।
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