देहरादून: उत्तराखंड शासन ने मंगलवार को राज्य में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया है। कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01 द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तत्काल प्रभाव से कई भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) और सचिवालय सेवा के अधिकारियों के विभागों में फेरबदल करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस संबंध में अनु सचिव राजेन्द्र सिंह झिंक्वाण ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
जारी की गई स्थानांतरण एवं तैनाती सूची के अनुसार अधिकारियों के नए प्रभार इस प्रकार हैं:
- श्री विनोद कुमार सुमन (IAS-2007): सचिव-प्रोटोकॉल, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सहित कई अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे श्री सुमन को अब परियोजना निदेशक- यू०डी०आर०पी०-ए०एफ० (Uttarakhand Disaster Preparedness and Resilience Project – U-PREPARE) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
- श्री सौरभ गहरवार (IAS-2016): इन्हें अपर सचिव-आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास तथा परियोजना निदेशक- यू०डी०आर०पी०-ए०एफ० के पद से अवमुक्त कर दिया गया है। अब उन्हें अपर सचिव-चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास सिडकुल के प्रबंध निदेशक और अन्य पूर्व प्रभार बने रहेंगे।
- सुश्री झरना कमठान (IAS-2016): वर्तमान में अपर सचिव-ग्राम्य विकास और परियोजना निदेशक-UGVS-REAP के पद पर तैनात सुश्री कमठान को अपर सचिव-पेयजल और निदेशक-स्वजल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- श्री प्रकाश चन्द्र (IAS-2017): इन्हें अपर सचिव-समाज कल्याण, प्रबन्ध निदेशक, बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम और आयुक्त-दिव्यांगजन के प्रभार से हटा दिया गया है। इनकी नवीन तैनाती अब अपर सचिव-आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास के रूप में की गई है।
- श्री सुन्दर लाल सेमवाल (PCS): वर्तमान में अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी निभा रहे श्री सेमवाल को श्री प्रकाश चन्द्र के स्थान पर अपर सचिव-समाज कल्याण, प्रबन्ध निदेशक, बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम और आयुक्त-दिव्यांगजन, उत्तराखण्ड की नई जिम्मेदारी प्रदान की गई है।
- श्री विक्रम सिंह यादव (सचिवालय सेवा): जो अभी तक बाह्य प्रतीक्षारत थे, उन्हें अब अपर सचिव-समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, और सचिवालय प्रशासन विभाग में तैनाती दी गई है।
शासन के अनु सचिव राजेन्द्र सिंह झिंक्वाण द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर अपनी नवीन तैनाती का पदभार तत्काल ग्रहण करें और इसकी आख्या कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग को उपलब्ध कराएं। इस फेरबदल को राज्य के प्रशासनिक कामकाज को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
