उत्तराखंड में कुदरत का कहर: उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी 1 रेड, 9 ऑरेंज और 6 येलो अलर्ट के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, आकाशीय बिजली, जलभराव और भीषण सड़क हादसों की खबरें सामने आई हैं। इन दुखद घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। आपदा प्रबंधन और प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
यहाँ राज्यभर से पिछले 24 घंटों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
हादसे और दुखद जनहानि
आपदा और हादसों के कारण राज्य में तीन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है:
- पिथौरागढ़ (धारचूला): 19 जुलाई की शाम लगभग 5:30 बजे पोथिला नामक स्थान पर बकरियां चराते समय आकाशीय बिजली गिरने से 52 वर्षीय दीवान सिंह की दर्दनाक मौत हो गई।
- टिहरी (प्रतापनगर): 19 जुलाई की शाम 6:00 बजे लम्बगांव मोटर मार्ग पर खैलगढ़ के समीप एक कार 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में वाहन चालक होशियार सिंह (38 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कीर्तिनगर मोटर मार्ग पर एक कार पर पेड़ गिरने से मुकेश नामक व्यक्ति घायल हो गए।
- नैनीताल (हल्द्वानी): 20 जुलाई तड़के लगभग 12:54 बजे ट्रांसपोर्ट नगर के पास एक अज्ञात कार की टक्कर से एक पैदल यात्री की मौत हो गई।
सफल रेस्क्यू और अन्य दुर्घटनाएं
- देहरादून में बड़ा रेस्क्यू: 19 जुलाई को संतला देवी मंदिर के पास एक टापू पर 7 लोग फंस गए थे। एसडीआरएफ (SDRF), अग्निशमन दल, और तहसील प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 7 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
- रुद्रप्रयाग: संकराड़ी खाकरा पीपली मार्ग पर एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। इस दुर्घटना में 3 लोग (श्रीमती भुन्दरी देवी, श्रीमती सावित्री देवी और श्री बिक्रम सिंह) घायल हो गए, जिन्हें श्रीनगर बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में एक भैंस की भी मौत हो गई।
- चमोली: नारायणबगड़ बाजार में देर रात भारी बारिश का पानी और मलबा 6-7 दुकानों में घुस गया। वहीं, कुहेड में एक गौशाला के ऊपर बोल्डर गिरने से कुछ पशुओं के दबने की आशंका है। प्रशासन और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
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खतरे के निशान की ओर नदियां और भू-कटाव
लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
- हर्षिल (उत्तरकाशी): सीवीसी (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार, 20 जुलाई सुबह 8:00 बजे भागीरथी नदी का जलस्तर 2492.93 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर (2494.50 मीटर) के बेहद करीब है।
- नदी के कटाव को रोकने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। 335 वायरक्रेट, भारी मात्रा में मलबा/बोल्डर और 250 मीटर लम्बा बंधा बनाकर आवासीय बस्ती को सुरक्षित करने का प्रयास जारी है। एहतियात के तौर पर जीएमवीएन (GMVN) हर्षिल को बंद कर दिया गया है और 3 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
बारिश के प्रमुख आंकड़े (पिछले 24 घंटे)
राज्य भर में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश ऊधमसिंहनगर के किच्छा (130.0 मि.मी.) और देहरादून के मालदेवता (103.5 मि.मी.) में हुई है।
अन्य प्रमुख स्थानों के आंकड़े:
- हाथीबड़कला (देहरादून): 95.0 मि.मी.
- कपकोट (बागेश्वर): 97.0 मि.मी.
- बंगापानी (पिथौरागढ़): 92.0 मि.मी.
- नरेंद्रनगर (टिहरी): 82.5 मि.मी.
- ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग): 77.0 मि.मी.
चारधाम यात्रा और राजमार्गों की स्थिति
यातायात की बात करें तो, ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-134) पालीगाड़ के समीप मलबा आने के कारण फिलहाल अवरुद्ध है, जिसे खोलने की कार्यवाही जोरों पर है।
राहत की बात यह है कि ऋषिकेश-बदरीनाथ, ऋषिकेश-गंगोत्री और ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य प्रमुख मार्ग यातायात के लिए सुचारू हैं।


