उत्तराखंड मौसम अलर्ट: मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा 19 जुलाई 2026 को जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बेहद तल्ख रहने वाला है। 20 जुलाई 2026 से राज्य के कई जनपदों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी (अलर्ट) जारी की है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और विशेषकर चारधाम यात्रियों को अत्यंत सावधानी बरतने की सलाह दी है।
20 जुलाई के लिए विशेष अलर्ट:
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, 20 जुलाई को देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जनपदों के कुछ स्थानों पर ‘भारी से बहुत भारी’ वर्षा के साथ कहीं-कहीं ‘अत्यंत भारी वर्षा’ होने की प्रबल संभावना है।
इसके अलावा नैनीताल, चम्पावत, उधम सिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश और गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश के आसार हैं।
21 से 23 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?
बारिश का यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा:
- 21 जुलाई: देहरादून एवं बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। राज्य के शेष जनपदों में भी बारिश और बिजली चमकने का अलर्ट है।
- 22 और 23 जुलाई: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जनपदों में भारी बारिश और गरज के साथ बिजली चमकने के अति तीव्र दौर की चेतावनी दी गई है।
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संभावित प्रभाव (Impact) और क्या बरतें सावधानी?
लगातार मूसलाधार बारिश के चलते राज्य में कई तरह की मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। मौसम विभाग ने निम्नलिखित संभावित प्रभावों को लेकर अलर्ट किया है:
- भूस्खलन का खतरा: संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टानें गिरने के कारण सड़कें और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं।
- नदियां उफान पर: नदियों और बरसाती नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और फ्लैश फ्लड (Flash flood) की स्थिति पैदा हो सकती है।
- दृश्यता में कमी: कोहरे और भारी बारिश के कारण सड़कों पर ड्राइविंग करना कठिन हो सकता है।
प्रशासन की एडवाइजरी (सुझाव):
- यात्रियों के लिए: चारधाम यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को विशेष रूप से सतर्क रहने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरने की सलाह दी गई है।
- सुरक्षित रहें: उफनती नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- यात्रा से बचें: भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें। यदि वाहन में हैं तो जलभराव वाले क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित (खड़ी ढलानों) वाले रास्तों को पार करने की कोशिश न करें।
- पर्वतारोहण अभियानों को फिलहाल रोकने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आम जनता से अपील है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।


