बनबसा: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एन.एच.पी.सी. बनबसा में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की अहम बैठक में राज्यहित से जुड़े कई दूरगामी और ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में उच्च शिक्षा, भूमि बंदोबस्त, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक सुधार और स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 24 अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
युवाओं और उच्च शिक्षा के लिए ₹200 करोड़ की योजना
प्रदेश के युवाओं में रोजगार क्षमता और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026’ के संचालन को हरी झंडी दी है।
- आगामी पांच वर्षों में इस योजना पर लगभग ₹200 करोड़ का व्यय किया जाएगा।
- राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख छात्र-छात्राओं को सीधे तौर पर इस कौशल विकास कार्यक्रम का लाभ मिलेगा।
- साथ ही, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की गुणवत्ता तय करने हेतु नियमों में संशोधन किया गया है, जिसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर तथा मैदानी क्षेत्रों में 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र अनिवार्य किया गया है।
भूमि अधिकार और पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार को गति
भूमि सुधारों के संदर्भ में कैबिनेट ने लंबे समय से प्रतीक्षित मामलों में जनता को बड़ी राहत दी है:
- वर्ग-3 एवं वर्ग-4 भूमि अधिकार: वर्ग-3 और वर्ग-4 के पट्टेदारों/कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने, नगर पंचायत लालकुआं (नैनीताल) में संक्रमणीय भूमिधर अधिकार प्रदान करने तथा देहरादून के जौनसार-बावर में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर 1 वर्ष के लिए विस्तारित रहेगा, जिसके बाद यह प्रचलित सर्किल रेट के आधार पर होगा।
- पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: एयरपोर्ट विस्तारीकरण के दृष्टिगत उत्तराखंड सीड्स एण्ड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को अवशेष ₹66.2916 करोड़ की राशि अवमुक्त करने की मंजूरी दी गई है, जिसका उपयोग नवनिर्माण कार्यों में होगा।
- जमींदारी विनाश नियमावली में संशोधन: उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952) में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे भूमि संबंधी प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देश अधिक पारदर्शी और सुचारू होंगे।
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राजकोषीय अनुशासन एवं वित्तीय सुधार
- राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, 2026: 01 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा को GSDP के 3% तथा कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा को GSDP के 30% पर निर्धारित करने का प्रावधान किया गया।
- सम्पत्ति क्रय-विक्रय में पैन सत्यापन: स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के तहत फर्जी पैन के दुरुपयोग को रोकने तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लेन-देन में पैन सत्यापन (PAN Verification) व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
- छठवां राज्य वित्त आयोग: वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि हेतु शुद्ध कर राजस्व के अंतरण संबंधी आयोग के प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में पटल पर रखे जाने की स्वीकृति मिली।
प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुदृढ़ीकरण
- मेडिकल कॉलेजों के मानदेय में संशोधन: राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने हेतु सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट एवं डेमोंस्ट्रेटर के वेतन/मानदेय का पुनर्निर्धारण किया गया है।
- टिहरी में नया उप निबंधक कार्यालय: नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी मिली, जिससे नरेंद्रनगर के 98 और उप तहसील पावकी देवी के 35 (कुल 133) राजस्व ग्रामों के निवासियों को स्थानीय स्तर पर पंजीकरण सेवाएं मिल सकेंगी।
- वन एवं आपदा प्रबंधन: कुमाऊँ व गढ़वाल के मुख्य वन संरक्षकों को विभागाध्यक्ष घोषित किया गया है, ताकि वनाग्नि, दैवीय आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आपात स्थितियों में त्वरित फैसले लिए जा सकें। इसके साथ ही वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के तकनीकी परीक्षण हेतु PMU का गठन कर 6 पद स्वीकृत किए गए।
- कुक्कुट आहार सब्सिडी: योजना के तहत अब लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से किया जाएगा।
- नई सेवा नियमावलियां: चिकित्सा विभाग में ‘उत्तराखंड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026’ के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। साथ ही समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार विखंडन नियमों में संशोधन करते हुए उप कारापाल पद से साक्षात्कार समाप्त कर केवल शारीरिक व लिखित परीक्षा की व्यवस्था लागू की गई है।
कैबिनेट के इन फैसलों से पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है।




