Browsing: संस्कृति

 प्रस्तावना हिरन -चित्तल नृत्य, जिसे हरिण-चित्तल उत्सव भी कहा जाता है, कुमाऊं की जीवंत लोक-सांस्कृतिक पहचान है। ‘हरिण-चित्तल’ का अर्थ…

गढ़वाली लोकगीत हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन गीतों में हमें गढ़वाली समाज के रीति-रिवाज, मानवीय संवेदनाएँ,…

काली कुमाऊं में खेली जाने वाली बीस बग्वालों में से केवल अब एक ही बग्वाल रह गई है। जिसे श्रावणी…

पिछले दो हफ्तों से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में एक गीत तहलका मचा रहा है— पंचाचूली देश ! यह गाना…

सोमनाथ मेला उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मासी गांव में रामगंगा नदी के तट पर, सोमेश्वर महादेव मंदिर के सामने…