हल्द्वानी: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद हल्द्वानी जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी पाए जाने पर पांच कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस कार्रवाई से पहले भी प्रशासन सात अन्य सेंटरों पर ताला जड़ चुका है।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां
प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की गई औचक जांच में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। जांच के दौरान कई ऐसी गंभीर खामियां मिलीं जो सीधे तौर पर छात्रों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं:
- फायर एनओसी का अभाव: कई संस्थान बिना अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (Fire NOC) के ही संचालित हो रहे थे, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन है।
- इमरजेंसी एग्जिट न होना: भवनों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की कोई व्यवस्था नहीं थी।
- सुरक्षा से खिलवाड़: किसी भी आपदा या आग लगने की स्थिति में छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण यह स्थिति बेहद खतरनाक पाई गई।
यह भी पढ़े: UTET 2026: अगले महीने से शुरू होगी परीक्षा, सेवारत शिक्षकों को भी मिलेगा मौका
इन 5 कोचिंग सेंटरों पर गिरी गाज
मानकों का पालन न करने और छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखने के आरोप में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शहर के निम्नलिखित पांच कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया है:
- विजन फ्यूचर
- कुमाऊं डिफेंस
- पार्क स्क्वायर
- विजन फ्यूचर (दूसरी शाखा)
- कृष्णा आईएएस एवं डिफेंस एकेडमी
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
अब तक प्रशासन कुल 12 (7 पूर्व में और 5 अब) कोचिंग सेंटरों को सील कर चुका है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शहर के अन्य कोचिंग संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा और मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
