चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिखों के प्रसिद्ध और पवित्र तीर्थ स्थल, श्री हेमकुंट साहिब गुरुद्वारे के कपाट आज पूरे विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के पहले ही दिन भारी संख्या में भक्तों का उत्साह देखने को मिला। आज साढ़े छह हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई और गुरु दरबार में मत्था टेका।
पूरे विधि-विधान से शुरू हुई यात्रा
श्री हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के चेयरमैन श्री नरिंदर जीत सिंह बिंद्रा ने कपाट खुलने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज सुबह 9 बजे पंज प्यारों की अगुवाई में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सचखंड से पूरे सम्मान के साथ दरबार साहिब में सुशोभित किया गया।
इस पावन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने सुखमनी साहिब का पाठ किया। इसके पश्चात हुए मधुर सबद कीर्तन से पूरी घाटी का माहौल गूंज उठा और भक्तिमय हो गया। इन सभी धार्मिक प्रक्रियाओं के संपन्न होने के बाद, गुरुद्वारे के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिए गए।
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दोपहर 12:30 बजे हुई साल की पहली अरदास
कपाट खुलने के पश्चात, श्री हेमकुंट साहिब गुरुद्वारे में इस वर्ष के यात्राकाल की पहली अरदास दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर की गई। अरदास के बाद गुरु महाराज का हुक्मनामा लिया गया, जिसके साथ ही इस वर्ष की श्री हेमकुंट साहिब यात्रा का विधिवत रूप से शुभारंभ हो गया है।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- स्थान: श्री हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा, चमोली जिला
- श्रद्धालुओं की संख्या: पहले दिन 6,500 से अधिक भक्तों ने किया पवित्र सरोवर में स्नान और दर्शन
- सुबह 9 बजे: पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब दरबार साहिब में सुशोभित किए गए
- दोपहर 12:30 बजे: इस यात्राकाल की पहली अरदास की गई और हुक्मनामा लिया गया
इस वर्ष की यात्रा के लिए प्रशासन और ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि दुर्गम रास्तों के बावजूद हर श्रद्धालु सुगमता से अपने आराध्य के दर्शन कर सके।

