Uttarakhand News। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चले आ रहे समय परिवर्तन के विवाद पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। शिक्षा विभाग ने करीब 17 महीनों की लंबी कसरत और व्यापक विचार-विमर्श के बाद स्कूलों के लिए नया टाइम टेबल तैयार कर लिया है। महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह की मंजूरी के बाद, एससीईआरटी निदेशक वंदना गब्र्व्याल ने इस विस्तृत प्रस्ताव को शिक्षा सचिव रविनाथ रमन को सौंप दिया है।
NEP 2020 के तहत बड़ा बदलाव
यह नया ढांचा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के मानकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें छात्रों के सीखने की क्षमता और उनके स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
- कुल शिक्षण समय: 5 घंटे 20 मिनट।
- मध्यांतर (Lunch Break): 40 मिनट।
- कुल पीरियड: प्रतिदिन 8 पीरियड का संचालन होगा।
अब मौसम तय करेगा स्कूल का समय
पहले पूरे प्रदेश में साल भर एक जैसा समय लागू करने की योजना थी, लेकिन शिक्षकों के कड़े विरोध के बाद अब इसे दो हिस्सों (सर्दी और गर्मी) में बांटा गया है:
| मौसम | समयावधि | स्कूल खुलने का समय | छुट्टी का समय |
| गर्मियां | 1 अप्रैल से 30 सितंबर | सुबह 07:10 बजे | दोपहर 01:30 बजे |
| सर्दियां | 1 अक्टूबर से 31 मार्च | सुबह 08:50 बजे | दोपहर 03:10 बजे |
विवादों के बाद बनी सहमति
बता दें कि टाइम टेबल बदलने की प्रक्रिया नवंबर 2024 में शुरू हुई थी। शुरुआत में एक समान समय रखने के प्रस्ताव पर शिक्षकों ने भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम का हवाला देते हुए आपत्ति जताई थी। 17 महीनों के सुझावों और दौरों के बाद, आखिरकार ‘दोहरी समय व्यवस्था’ पर सहमति बनी है।
सरकार की अंतिम मुहर का इंतज़ार
शिक्षा विभाग ने अपनी ओर से होमवर्क पूरा कर लिया है और प्रस्ताव अब सरकार के पास है। शासन स्तर पर समीक्षा के बाद जैसे ही इस पर अंतिम मुहर लगेगी, इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। इस नए बदलाव से न केवल छात्रों की दिनचर्या सुधरेगी, बल्कि शिक्षण कार्य में भी अधिक व्यवस्थित रूप से तेजी आने की उम्मीद है।
प्रस्ताव मंजूर होते ही उत्तराखंड के सभी सरकारी स्कूलों में एक समान नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
