Author: Bikram Singh Bhandari

बिक्रम सिंह भंडारी उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्व, देव परंपराओं और इतिहास पर लिखने वाले स्वतंत्र लेखक हैं। वे वर्षों से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को प्रामाणिक स्रोतों, लोक कथाओं और ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से डिजिटल रूप में दस्तावेज़ करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति, पर्व और लोक परंपराओं पर 700 से अधिक लेख लिखे हैं।

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले 12th पास युवाओं के लिए साल 2023 के अंतिम माह में अच्छी खबर आई है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ( UKSSC ) ने समूह ‘ग’ के अन्तर्गत परिवहन आयुक्त संगठन में परिवहन आरक्षी के 118 खाली पदों, कार्यालय आबकारी आयुक्त में आबकारी सिपाही के 100 खाली पदों, कार्यालय आबकारी आयुक्त में उप आबकारी निरीक्षक के 14 खालीपदों, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में हॉस्टल मैनेजर ग्रेड-3 के 02 खाली पदों तथा महिला कल्याण विभाग में गृह माता( हाऊस कीपर ) के 02 खाली  पदों अर्थात कुल 236 खाली…

Read More

पहाड़ी स्टेटस -आजकल डिजिटल दौर में लोग अधिकतम समय सोशल मीडिया आदि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर गुजार रहे हैं। सभी लोगो को अपने स्थानीय परम्पराओं से ,अपनी भाषा बोली से जुड़े विचार (Quotes) अपने सोशल मीडिया पर स्टेटस के रूप में पोस्ट करना पसंद करते हैं। इसलिए इस पोस्ट में पहाड़ से जुड़े लोगों ( खासकर कुमाऊनी और गढ़वाली ) के लिए कुछ पहाड़ी कोट्स (Pahadi Quotes ) या पहाड़ी स्टेटस (Pahadi Status) का संकलन कर रहे हैं ,जिन्हे लोग अपने स्टेटस ,इंस्टाग्राम ,फेसबुक आदि में प्रयोग कर सकते हैं। या इन pahadi attitude वाले Quotes पढ़ कर आनंद ले सकते…

Read More

मित्रों यहाँ कुछ कुमाऊनी शायरी का संकलन करने जा रहे हैं। इन्हे पारम्परिक कुमाउनी भाषा में “जोड़” कहते हैं। प्राचीन लोकगीतों में जोड़ो का प्रयोग लोकगीतों के बीच -बीच में किया जाता था। यह कुमाऊनी लोकगीतों के अंतरों को बढ़ाने का काम भी करती है। कुमाऊनी जोड़ का अर्थ – जोड़ का शाब्दिक अर्थ होता है जोड़ना लेकिन कुमाऊनी भाषा मे दो लयात्मक पदों को आपस मे मिलाने को जोड़ कहा जाता है। तेज गति से गाये जाने वाले गीतों के बीच मे हल्का विराम देकर इन्हें गया जाता है। कुमाऊनी जोड़ विधा लगभग न्योली के साथ मिलती जुलती होती…

Read More

नौकरी की चाह रखने वाले उत्तराखंड के नैनीताल जिले के बेरोजगार युवको के लिए खुशखबरी आई है। नवम्बर के अंत में रामनगर नैनीताल में रोजगार मेला लगने जा रहा है। जिसमे कई बेरोजगार युवक युवतियों को रोजगार मिलेगा। रामनगर नैनीताल के सेवानियोजन कार्यालय में आगामी 29 नवंबर 2023 को रोजगार मेला लगेगा जिसमे लगभग 8 कंपनियां भाग लेंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामनगर के रोजगार मेले में सुरक्षा गार्ड, lic एडवाइज़र, सेल्स और मार्केटिंग, चाइनीज कुक,   फिल्ड कर्मचारी और किचन कुक की भर्ती होगी इस रोजगार मेले में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों को बायोडाटा ,शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थाई निवास…

Read More

श्रीनगर उत्तराखंड के प्रसिद्ध कमलेश्वर महादेव मंदिर में प्रसिद्ध बैकुंठ चतुर्दशी मेले का शुभारम्भ हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैबिनेट मंत्री श्री धन सिंह रावत ने मेले के अवसर पर पूजा अर्चना की। प्रत्येक वर्ष की तरह इस साल भी लगभग 200 से अधिक दंपत्ति संतान सुख की उम्मीद में प्रसिद्ध वैकुण्ठ चतुर्दशी के मेले में खड़ रात्रि जागरण करेंगे। कमलेश्वर महादेव नाम से प्रसिद्ध शिव का मंदिर श्रीनगर गढ़वाल में स्थित है। मान्यता है की इस मंदिर का निर्माण गुरु शंकराचार्य जी ने किया था। उत्तराखंड के इस प्रसिद्ध मंदिर में भगवान शिव ,गणेश और गुरु शंकराचार्य…

Read More

कराचिल अभियान के तहत मुहमद तुगल ने लाखों की विशाल सेना के साथ खुसरो मलिक को हिमालयी राज्य विजय करने हेतु भेजा था। मुहमद तुगलक ने हिमालयी राज्यों पर सन 1328 में आक्रमण किया था। उसने एक विशाल सेना को हिमालयी राज्यों या एक खास राज्य को जीतने भेजा था। लेखकों ने मुहमद बिन तुग़लक के इस अभियान को कराचल, काराचल, करजल, काराजिल, कराजील आदी अलग -अलग नाम दिए हैं। कहाँ था कराचिल राज्य – कराचिल अभियान के बारे में तत्कालीन अफ्रीकन पर्यटक इब्नबतूता ने कराचल अभियान का विवरण कुछ इस प्रकार दिया है , ‘यह हिमालय का एक भाग था।…

Read More

उत्तराखंड का समाज मुख्यतः कृषक व् पशुपालक ही रहा है। आदिकाल से ही उत्तराखंड के निवासी मुख्यतः प्रकृति प्रेमी रहे हैं। पहाड़ की सीढ़ीदार खेतों और जल जंगल के बाद पशु उत्तराखंडियों की अमूल्य संपत्ति रहे हैं। पहले से ही दुधारू गाय /भैंस के साथ बैलों की जोड़ी का पहाड़ियों के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। वर्तमानं में पहाड़वासियों ने पशुपालन थोड़ा कम कर दिया है। लेकिन अधिकतर लोग अभी भी अपनी पारम्परिक जीवन शैली अपनाये हुए हैं। पशुओं के लिए अगाध स्नेह होने के कारण पहाड़वासियों ने अपने और प्रकृति के साथ -साथ पशुओं के लिए भी कई लोकोत्सव…

Read More

इगास त्योहार या इगास बग्वाल (egas festival) उत्तराखंड का प्रसिद्ध लोकपर्व है। यह त्यौहार दीपावली पर्व के 11 दिन बाद मनाया जाता है। 2025 में इगास त्यौहार 01 नवंबर 2025 को  मनाया जाएगा। उत्तराखंड सरकार ने 2025 में भी उत्तराखंड सरकार ने ईगास त्यौहार पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की हैं। इगास की विडियो देखें : https://youtu.be/k1oCxhWxc0k?si=hIXnCti3l2BGiGl1 इगास बग्वाल का अर्थ – इगास का मतलब गढ़वाली भाषा मे एकादशी होता है। और बग्वाल का मतलब पाषाण युद्ध होता है। पहले पहाड़ो में राजा ,मांडलिक बरसात ऋतु खत्म होने के बाद प्रमुख त्योहारों को पत्थर युद्ध का अभ्यास करते थे। और…

Read More

उत्तरकाशी टनल हादसे में अभी भी 40 मजदूरों की जान हलक में अटकी है। तमाम प्रयासों के बावजूद प्रसाशन अभी तक मजदूरों को बाहर निकालने में सफल नहीं हुवा है। इस हादसे का असल कारण क्या था ? वो बाद की तकनीकी जांचों पता चल जायेगा। लेकिन फ़िलहाल स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह हादसा क्षेत्र  शक्तिशाली लोक देवता बौखनाग देवता के प्रकोप के कारण हुवा है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पुराने मनेजमेंट ने पहले टनल के बहार एक देवता का एक छोटा सा मंदिर बनाया था। सभी अधिकारी और मजदूर वहां पूजा करके और सर…

Read More

उत्तराखंड के चार धाम कपाट अपने नियत समय पर बंद होने शुरू हो गए हैं। गंगोत्री ,यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट बंद हो गए हैं। मंगलवार 14 नवंम्बर 2023 को गोवर्धन पूजा के दिन गंगोत्री धाम के कपाट बंद हुए। तय मुहूर्त पर गंगोत्री धाम के कपाट बंद हुए और माँ गंगा की डोली मुखबा के लिए रवाना हुई। अब अगले छह महीने तक माँ गंगा की पूजा और दर्शन मुखबा में होंगे। भाईदूज पर यमुनोत्री धाम कपाट और केदारनाथ के कपाट बंद हुए। माँ यमुना के अगले छह माह तक खरसाली में दर्शन होंगे। तथा इस समयावधि में माँ…

Read More