उत्तराखंड विधानसभा चुनाव: आगामी विधानसभा चुनावों को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड निर्वाचन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। चुनाव की जमीनी तैयारियों को तेज करते हुए विभाग 23 अक्टूबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की जांच प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
पारदर्शिता पर जोर, राजनीतिक दलों की मौजूदगी में होगी जांच
पहले चरण के तहत शुरू होने वाली इस जांच का मुख्य उद्देश्य मशीनों की कार्यक्षमता, तकनीकी स्थिति और विश्वसनीयता की पुष्टि करना है। यह पूरी प्रक्रिया संबंधित जिलाधिकारियों (DEO) की सख्त निगरानी में आयोजित की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों के साथ-साथ सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी इस दौरान अनिवार्य रूप से मौजूद रखा जाएगा।
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नवंबर में केंद्रीय चुनाव आयोग का दौरा
मशीनों की जांच के साथ ही चुनावी तंत्र को चुस्त-दुरुस्त करने का काम भी तेज हो गया है। आगामी नवंबर महीने में केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ECI) की एक उच्चस्तरीय टीम उत्तराखंड का दौरा करेगी। आयोग की यह टीम राज्य में चुनावी तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों और संवेदनशील तथा अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की समीक्षा करेगी, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
राज्य निर्वाचन विभाग का लक्ष्य तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियों को समय से पहले पूरा करना है, जिससे मतदाताओं को एक सुरक्षित और पारदर्शी मतदान का अनुभव मिल सके।




