थल: थल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डाडल गांव में बुधवार को घास काट रही एक महिला पर भालू ने जानलेवा हमला कर दिया। ग्रामीणों की तत्परता और अदम्य साहस से महिला की जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गई है। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बागेश्वर रेफर कर दिया है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डाडल गांव निवासी 52 वर्षीय चंपा देवी अपने घर के समीप स्थित खेत में मवेशियों के लिए घास काट रही थीं। इसी दौरान एक मादा भालू अपने छह शावकों के साथ अचानक वहां आ धमकी और महिला पर हमला बोल दिया। भालू के अप्रत्याशित वार के बावजूद चंपा देवी ने हिम्मत नहीं हारी और बचाव के लिए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया।
महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाया और भालू को घेरकर खदेड़ दिया, जिससे भालू शावकों को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। हालांकि, ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही भालू ने महिला के पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों को पंजों से बुरी तरह जख्मी कर दिया था।
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खून से लथपथ चंपा देवी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बागेश्वर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन कर्मियों ने खेत के आसपास से भालू के दो शावकों को सुरक्षित पकड़ा और देर रात उन्हें घने जंगल में वापस छोड़ दिया। गांव के इतने करीब छह शावकों के साथ भालू की मौजूदगी की खबर से ग्रामीणों में भारी खौफ है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और वन्यजीवों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।


