नंदा देवी महोत्सव 2026: आगामी 16 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक नैनीताल में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 124वें नंदा देवी मेला महोत्सव को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष का महोत्सव पूरी तरह से स्थानीय लोक संस्कृति और परम्पराओं पर केंद्रित होगा।
स्थानीय संस्कृति और उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
जिलाधिकारी श्री रयाल ने कहा कि नंदा देवी मेला जनपद वासियों की गहरी आस्था का प्रतीक है। मेले में स्थानीय संस्कृति और कला की झलक स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए।
- लोक कलाकारों को प्राथमिकता: मेले के दौरान होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय लोक परंपरा पर आधारित होंगे। इसमें स्थानीय और उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़े कलाकारों को विशेष तरजीह दी जाएगी।
- लोकल उत्पादों के स्टॉल: मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बड़ा मंच मिलेगा। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के निर्देशन में ‘हाउस ऑफ हिमालया’ ब्रांड, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों के उत्पादों के लिए विशेष स्टॉल आवंटित किए जाएंगे।
प्लास्टिक मुक्त होगा मेला, जगमगाएगा शहर
पर्यावरण और नैनीताल की सुंदरता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मेले को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
- विशेष लाइटिंग: मेले को भव्य स्वरूप देने के लिए पूरे नगर को विद्युत लाइटों से सजाया जाएगा। नगर पालिका को विशेष रूप से ‘ठंडी सड़क’ क्षेत्र में समय से पूर्व प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- पारदर्शी टेंडरिंग: पंडाल, टेंट, स्टॉल और मंच निर्माण के लिए पारदर्शी टेंडरिंग प्रक्रिया को समय रहते पूरा करने को कहा गया है ताकि अंतिम समय में कोई अव्यवस्था न हो।
सुदृढ़ होगी सड़क, पानी और सफाई व्यवस्था
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया है:
- मार्गों की मरम्मत: जिन मार्गों से माता का डोला निकलेगा, उनका लोक निर्माण, नगर पालिका और सिंचाई विभाग संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर मरम्मत कार्य पूरा करेंगे। मेले से पूर्व लोअर मॉल रोड को भी सुचारू किया जाएगा।
- डीएसए मैदान में सुधार: ग्रामीण निर्माण विभाग को डीएसए मैदान में जलभराव और कीचड़ की समस्या से निपटने के लिए कंक्रीट डालने के निर्देश दिए गए हैं।
- सफाई और स्वास्थ्य: नगर पालिका को सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट लगाने को कहा गया है। इसके अलावा, पेयजल विभाग को टैंकर व स्टैंड पोस्ट के जरिए निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। मेले में एक स्वास्थ्य शिविर भी लगेगा, जहां आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे।
सुरक्षा, यातायात और अन्य अहम निर्णय
मुख्य दिन शराब की दुकानें रहेंगी बंद: शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहम निर्णय लिया गया है कि मुख्य मेले के दिन नैनीताल मुख्यालय की सभी ठेका मदिरा की दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहेंगी।
- सुरक्षा व्यवस्था: पुलिस विभाग को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- यातायात और परिवहन: परिवहन विभाग को यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त रोडवेज बसों और पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा गया है।
- अवरोध होंगे दूर: विद्युत विभाग को झूलते तारों को ठीक करने और वन विभाग को मार्गों में आने वाले पेड़ों की छंटाई (लोपिंग) करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी:
समीक्षा बैठक में नैनीताल विधायक सरिता आर्या, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, अपर जिलाधिकारी शौरभ असवाल, एसपी (यातायात) जगदीश चंद्र, श्री राम सेवा समिति और मंदिर समिति के पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आला अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस 124वें ऐतिहासिक महोत्सव को एक नई भव्यता प्रदान की जा सके।


