Haldwani। एक पिता अपनी बेटी के जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए हाथ में मिठाई और समोसे लेकर खुशी-खुशी घर लौट रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हल्द्वानी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पल भर में एक परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। एमबीपीजी कॉलेज के पास सड़क पार करते समय तेज रफ्तार बोलेरो की चपेट में आने से शिक्षा विभाग के 57 वर्षीय कर्मचारी की मौत हो गई।
हादसे के मुख्य बिंदु:
- मृतक की पहचान: उपेंद्र सिंह नेगी (57 वर्ष), उप शिक्षा कार्यालय हल्द्वानी (धौलाखेड़ा) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी।
- घटनास्थल: एमबीपीजी कॉलेज के पास, हल्द्वानी।
- परिवार: मूल रूप से द्वाराहाट निवासी। वर्तमान में सुभाष नगर, भोटिया पड़ाव में पत्नी दीपा नेगी और बेटे के साथ निवास।
- दुर्घटना का कारण: सड़क पार करते समय बोलेरो द्वारा टक्कर मारना।
हाथ में थी मिठाई, घर पर हो रहा था इंतजार
सोमवार को उपेंद्र सिंह नेगी की शादीशुदा बेटी निधि का जन्मदिन था। बच्चों के स्कूल की छुट्टियां होने के कारण बेटी अपने पति और दो बच्चों के साथ मायके आई हुई थी। घर में जन्मदिन की तैयारियां जोरों पर थीं।
ड्यूटी खत्म होने के बाद उपेंद्र ने बेटी के लिए समोसे और मिठाई खरीदी। साथ ही नाती-नातिनों के लिए चिप्स भी लिए। वह अपने स्टाफ के साथ लिफ्ट लेकर मुखानी तक पहुंचे और वहां से ऑटो द्वारा एमबीपीजी कॉलेज तक आए। कॉलेज के पास जैसे ही वह सड़क पार करने लगे, एक बोलेरो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी दुखद मृत्यु हो गई।
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तलाश मोर्चरी में जाकर हुई खत्म
इधर, घर पर पूरा परिवार उपेंद्र के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। जब काफी देर तक वह घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने अनहोनी की आशंका के चलते उनकी खोजबीन शुरू की। जो परिवार कुछ देर पहले जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहा था, वह अब अपने मुखिया को ढूंढ रहा था। देर रात यह तलाश मोर्चरी पर जाकर खत्म हुई, जहां उपेंद्र के बेटे ने उनके शव की शिनाख्त की।
छिन गईं भविष्य की योजनाएं और खुशियां
इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां इस प्रकार हैं:
- सेवानिवृत्ति: उपेंद्र सिंह नेगी वर्ष 2029 में अपने पद से सेवानिवृत्त होने वाले थे।
- बेटे का रिश्ता: उनका बेटा एक निजी संस्थान में योग शिक्षक है। आगामी 17 जून को परिवार बेटे के लिए रिश्ता देखने रुद्रपुर जाने की तैयारी कर रहा था।
- हालिया यात्राएं: परिजनों के अनुसार, 14 जून को ही पूरा परिवार पूर्णागिरि माता के दर्शन करके लौटा था। सोमवार (हादसे वाले दिन) को भी बेटी, दामाद और बच्चे कैंची धाम के दर्शन करने गए थे, जबकि उपेंद्र अपनी ड्यूटी पर चले गए थे।
एक पिता जो अपने परिवार की खुशियों को संजोने के लिए लौट रहा था, उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे इलाके और विभाग में शोक की लहर दौड़ा दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
