हल्द्वानी में गैस संकट। कुमाऊं के द्वार हल्द्वानी में पिछले कई दिनों से रसोई गैस (LPG) को लेकर हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। आम जनता एक-एक सिलेंडर के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है, जबकि प्रशासन और सरकार के दावों में गैस की कोई कमी नहीं है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच की यह खाई अब जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है।
बुकिंग का लंबा इंतजार, डिलीवरी का अता-पता नहीं
शहर की स्थिति यह है कि सिलेंडर बुक करने के 8 से 10 घंटे बाद तो मोबाइल पर बुकिंग का एसएमएस (SMS) आ रहा है। बुकिंग सफल होने के बावजूद हफ्तों तक डिलीवरी गाड़ियां मोहल्लों में नहीं पहुंच रही हैं। गैस एजेंसियों के चक्कर काटकर लोग थक चुके हैं, लेकिन वहां भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
संपर्क के सारे रास्ते बंद
हैरानी की बात यह है कि संकट के इस समय में गैस एजेंसियां, गोदाम और डिलीवरी मैन, सभी के फोन या तो बंद आ रहे हैं या कोई उठा नहीं रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जानबूझकर संपर्क नंबर बंद कर दिए गए हैं ताकि उन्हें जनता के सवालों का सामना न करना पड़े।
सरकारी दावे बनाम जमीनी सच
एक ओर भारत सरकार और संबंधित अधिकारी बार-बार बयान जारी कर रहे हैं कि प्रदेश में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया और स्थानीय खबरों में लगातार सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) की खबरें सामने आ रही हैं। आरोप है कि जरूरतमंदों को सिलेंडर नहीं मिल रहे, लेकिन ऊंचे दामों पर ब्लैक में गैस आसानी से उपलब्ध है।
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विशेष अपील: धैर्य और सहयोग की जरूरत
इस कठिन समय में व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा है:
- अनावश्यक बुकिंग न करें: यदि आपके पास पर्याप्त गैस है, तो घबराहट (Panic Booking) में आकर एक्स्ट्रा सिलेंडर बुक न करें। इससे जरूरतमंदों तक सप्लाई पहुंचने में देरी होती है।
- कालाबाजारी को बढ़ावा न दें: ब्लैक में सिलेंडर खरीदना और बेचना, दोनों अपराध हैं। यदि कहीं ऐसी गतिविधि दिखे, तो तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित करें।
- धैर्य बनाए रखें: प्रशासन से उम्मीद है कि वह जल्द ही इस व्यवस्था को दुरुस्त करेगा। डिलीवरी में देरी के कारण संयम न खोएं।
प्रशासन को चेतावनी: यदि जल्द ही गैस वितरण प्रणाली में सुधार नहीं हुआ और कालाबाजारी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएगा। अधिकारियों को कागजी दावों से निकलकर धरातल पर उतरने की सख्त जरूरत है।
