देहरादून: नव वर्ष और विभिन्न स्थानों पर हो रही बर्फबारी के कारण उत्तराखण्ड में पर्यटकों की भारी संख्या में आगमन का अनुमान लगाया जा रहा है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल और होमस्टे की लगभग सभी बुकिंग्स फुल हो चुकी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड सरकार ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठानों को 24*7 खुले रखने की अनुमति दी है।
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श्रम विभाग ने जारी किया आदेश
उत्तराखण्ड श्रम विभाग के उप सचिव शिव विभूति रंजन द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि “उत्तराखण्ड दुकान और स्थापना (रोजगार, विनियमन एवं सेवा शर्त) अधिनियम 2017 ” के तहत राज्य के सभी रेस्टोरेंट, होटल, और ढाबों को सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति दी जाती है।
दोनों पालियों में कर्मकारों को कार्य की अनुमति
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दिन और रात्रि की दोनों पालियों में कर्मकारों को शर्तों के अधीन कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है। इस कदम का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और राज्य के पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहन देना है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए अपील
सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट, और ढाबा मालिकों से अपील की है कि वे पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपने प्रतिष्ठान 24*7 खुले रखें। यह कदम उत्तराखण्ड को एक पर्यटक-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
पर्यटन उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य में पर्यटकों की संख्या में हर साल नववर्ष के दौरान बढ़ोतरी होती है। बर्फबारी और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए देशभर से लोग उत्तराखण्ड पहुंचते हैं। सरकार के इस निर्णय से न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी आर्थिक लाभ होगा ।
होटल और रेस्टोरेंट मालिकों की प्रतिक्रिया
होटल और रेस्टोरेंट मालिकों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि 24 घंटे संचालन से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय व्यवसाय को भी फायदा मिलेगा।
पर्यटन स्थलों पर विशेष तैयारियां
मसूरी, नैनीताल, औली, और चोपता जैसे लोकप्रिय स्थलों पर स्थानीय प्रशासन ने भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष तैयारियां की हैं। यातायात व्यवस्था, पार्किंग, और सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए गए हैं।
पर्यटकों के लिए सुझाव
पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे पहले से बुकिंग कराएं और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें। साथ ही, पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।
उत्तराखण्ड सरकार का यह कदम पर्यटकों और स्थानीय व्यवसायों दोनों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, और उत्तराखण्ड का पर्यटन उद्योग नए आयाम छुएगा।
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