देहरादून: उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर और पर्यटन के मुख्य केंद्र नैनीताल जनपद की झीलों को अब नया रूप मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल के कायाकल्प की तैयारी पूरी कर ली है। सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इन झीलों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण योजनाओं को हरी झंडी दिखाई।
1. भीमताल: ₹25.67 करोड़ से होगा कायाकल्प
भीमताल झील को पर्यटन के लिहाज से अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के लिए ₹2567.49 लाख का बजट निर्धारित किया गया है। इस परियोजना के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित होंगे:
- सुरक्षित पाथ-वे: झील के चारों ओर पर्यटकों के टहलने के लिए आधुनिक पाथ-वे का निर्माण।
- पार्कों का सौंदर्यीकरण: सुभाष पार्क और दीनदयाल पार्क को नए सिरे से सजाया जाएगा।
- सुविधाएं: 40 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग, ओपन सिटिंग एरिया और बच्चों के लिए प्ले-ज़ोन।
- प्रकाश व्यवस्था: पूरे क्षेत्र को आधुनिक लाइटिंग से रोशन किया जाएगा।
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2. नौकुचियाताल और कमलताल: ₹20.97 करोड़ का निवेश
नौकुचियाताल और कमलताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए ₹2097.02 लाख की योजना तैयार की गई है। इसमें शामिल हैं:
- लंबा ट्रैक: नौकुचियाताल झील के चारों ओर 2089 मीटर लंबा सुगम पाथ-वे।
- सेल्फी पॉइंट और गज़िबो: पर्यटकों के लिए चार गज़िबो और एक विशेष सेल्फी पॉइंट का निर्माण।
- बोटिंग स्टैंड: बोटिंग के शौकीनों के लिए व्यवस्थित बोटिंग स्टैंड और लैंडस्केपिंग।
“समय सीमा और गुणवत्ता सर्वोपरि”
बैठक में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय के भीतर पूरे होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य केवल सुंदरता बढ़ाना नहीं, बल्कि:
- पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास सुनिश्चित करना।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मजबूती देना।
- पर्यटकों को विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों की उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण बैठक में नैनीताल के जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल (वर्चुअल), उप सचिव रजनीश जैन, वित्त अनुसचिव गौरीशंकर जोशी और विशेष सलाहकार जी.पी. पंत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
