देहरादून: उत्तराखंड में जापान इंटरनेशनल कोपरेशन एजेंसी (JICA) द्वारा वित्त पोषित ‘उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ (Uttarakhand Integrated Horticulture Development Project) को धरातल पर उतारने के लिए शासन ने कवायद तेज कर दी है। आज सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में परियोजना की उच्च स्तरीय संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर जाकर योजनाओं की समीक्षा करें।
जनवरी तक तैयार हो अगले वर्ष का खाका
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना (AWP) हर हाल में जनवरी माह तक पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रोजेक्ट के निर्धारित समय सीमा में पूरा होने के लिए यह जरूरी है कि जनपदों के लिए भी लक्ष्य तय किए जाएं।
मुख्य सचिव ने परियोजना के दीर्घकालिक प्रबंधन के लिए पूरे प्रोजेक्ट का ‘वर्षवार लक्ष्य’ (Year-wise Target) निर्धारित करते हुए एक व्यापक प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए।
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अफसरों को जनपदों के दौरे के निर्देश
मुख्य सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं का सही फीडबैक लेने के लिए जनपदों का लगातार दौरा करें। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत जानने के बाद ही योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हो सकेंगी।
इसके अलावा, उन्होंने एक महत्वपूर्ण निर्देश यह भी दिया कि अन्य विभागों में चल रही फल एवं सब्जियों से जुड़ी आजीविका की योजनाओं को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल (Integrate) किया जाए, ताकि काश्तकारों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक कृषि एवं उद्यान सुश्री वंदना सहित कृषि, उद्यान एवं सगन्ध पौधा केंद्र के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
